ओडिशा उपचुनाव: पदमपुर सीट पर जीत बीजद की प्रतिष्ठा का सवाल 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कांग्रेस को भी इस बार जीत का भरोसा है और वह किसानों के मुद्दों को लेकर भाजपा तथा बीजद दोनों पर निशाने साध रही है। मतदाताओं को लुभाने के लिए तीना प्रमुख दल पदमपुर के किसानों के मुद्दे उठा रहे हैं जहां 82 प्रतिशत आबादी कृषक समुदाय से आती है।

बारगढ़। बीजू जनता दल (बीजद) को 2009 के बाद से उपचुनाव में इस महीने की शुरुआत में पहली हार मिलने के बाद ओडिशा में पदमपुर विधानसभा सीट पर पांच दिसंबर को होने वाला उपचुनाव सत्तारूढ़ पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का मामला बन गया है। धामनगर उपचुनाव में छह नवंबर को मिली जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अगुवाई वाली पार्टी से यह ग्रामीण सीट हथियाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। 

ये भी पढ़ें:-न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचा इस मौसम का पहला क्रूज जहाज

कांग्रेस को भी इस बार जीत का भरोसा है और वह किसानों के मुद्दों को लेकर भाजपा तथा बीजद दोनों पर निशाने साध रही है। मतदाताओं को लुभाने के लिए तीना प्रमुख दल पदमपुर के किसानों के मुद्दे उठा रहे हैं जहां 82 प्रतिशत आबादी कृषक समुदाय से आती है। अपर्याप्त न्यूनतम समर्थन मूल्य, केंदु पत्ते तोड़ने वालों की कम मजदूरी, धान की खरीद में कुप्रबंधन, फसल बीमा के दावों के निपटारे में देरीऔर सूखाग्रस्त किसानों के लिए सब्सिडी का भुगतान किसानों के प्रमुख मुद्दे हैं।

नेता मौजूदा बारगढ़ से अलग कर पदमपुर जिला बनाने की मांग और स्थानीय युवाओं के पलायन के मुद्दे भी उठा रहे हैं। केंद्र पर ओडिशा के लोगों की मांग को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधने के लिए पदमपुर से गुजरने वाली बारगढ़-नुआपाड़ा रेल परियोजना रोकने का मुद्दा उठाया जबकि भाजपा ने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक सरकार के सहयोग न करने के कारण यह प्रस्तावित योजना लागू नहीं की जा सकी।

बीजद के एक वरिष्ठ नेता ने एक मीडिया एजेंसी से कहा कि यह उपचुनाव हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम हाल में तटीय धामनगर सीट पर उपचुनाव हारे हैं। पार्टी 2024 के आम चुनाव से पहले एक और हार बर्दाश्त नहीं कर सकती।

बीजद ने इस सीट पर विधायक रहे बिजय रंजन सिंह बरिहा की बड़ी बेटी बर्षा सिंह बरिहा को उम्मीदवार बनाया है। उनके पिता के निधन के बाद ही इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ रहा है। वहीं, भाजपा ने पार्टी की ओडिशा इकाई के कृषक मोर्चा के प्रमुख प्रदीप पुरोहित को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने सत्य भूषण साहू को प्रत्याशी बनाया है जो पहले तीन बार इस सीट पर जीत चुके हैं। 

भाजपा और बीजद दोनों प्रचार अभियान में अपने आदिवासी नेताओं को शामिल कर रहे हैं क्योंकि इस सीट पर आदिवासी समुदाय के वोट अहम हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र के 2.57 लाख से अधिक मतदाताओं की 29 फीसदी आबादी आदिवासियों की है। तीनों प्रमुख दल प्रवासी कामगारों को लुभाने की कड़ी मशक्कत कर रहे हैं और उनके लिए योजनाएं लाने का वादा कर रहे हैं ताकि उन्हें अपने पैतृक स्थानों पर ही आजीविका के अवसर मिल सकें। 

ये भी पढ़ें:-पदमपुर में कारोबारियों ने बातचीत के बाद बंद का इरादा टाला, एक छापेमारी के बाद व्यापारियों ने 12 घंटे के बंद का किया था आह्वान

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

कांवड़ यात्रा को लेकर लखनऊ में सख्ती, मुख्य मार्गों पर बंद रहेंगी नॉनवेज की दुकानें; FSDA करेगा खाद्य पदार्थों की जांच
CJP Protest: CJP का रुख बरकरार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ स्वीकार नहीं, जानें CJP के प्रदर्शन पर क्या बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार
लखनऊ में भोजपुरी अभिनेत्री ने दर्ज कराया साइबर फ्रॉड का केस, बेटी की AI से अश्लील वीडियो वायरल करने का आरोप 
हरदोई सड़क हादसा: तेज रफ्तार बनी जानलेवा, पेड़ से टकराई बाइक; किसान की दर्दनाक मौत
Parliament Monsoon Session Day 5: राज्यसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित, CJP से बातचीत के लिए कंस्टीट्यूशन क्लब पहुंचे जेपी नड्डा