चित्रकूट: बिजलीकर्मियों की हड़ताल से जनजीवन अस्त-व्यस्त

कार्य बहिष्कार का तीसरा दिन

चित्रकूट: बिजलीकर्मियों की हड़ताल से जनजीवन अस्त-व्यस्त

चित्रकूट, अमृत विचार। बिजलीकर्मियों की हड़ताल से जनजीवन अस्तव्यस्त है। जहां फाल्ट हो रहे हैं, वहां बिजलीकर्मी ठीक करने नहीं पहुंच रहे। जो पहुंचते भी हैं उनको अन्य कर्मचारी रोक देते हैं। आलम तो यह है कि जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप किया तब कुछ मुहल्लों के लोगों को बिजली मिल पाई। 

बिजलीकर्मियों के कार्य बहिष्कार का गुरुवार को तीसरा दिन है। तीन दिन में ही बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। कई मुहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को बहुत दिक्कतें हो रही हैं। मंगलवार को पुरानी बाजार के एक ट्रांसफार्मर में खराबी आने से लगभग तीन सौ घरों में आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार फोन करने के बाद भी सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। इसके बाद मुहल्ले के लोगों ने जिलाधिकारी अभिषेक आनंद से मिलकर आपूर्ति दुरुस्त करने की गुहार की। इसके बाद गुरुवार दोपहर आपूर्ति सुचारू हो सकी। 

उधर, मुख्यालय में तो स्थिति कुछ ठीक भी है पर गांवों में तो हालात और भी खराब हैं। ट्यूबवेल न चलने से पलेवा बाधित है। धुस मैदान में बिजलीकर्मियों ने गुरुवार को भी प्रदर्शन किया। विरोध सभा की अध्यक्षता उप खंड अधिकारी शिवम गुप्ता और संचालन उमत लाल ने की। बैठक में उप खंड अधिकारी अनिल सिंह, आशीष सिंह, अवर अभियंता अनुपम कुमार, लक्ष्मी पाल, आरएस वर्मा, रामचंद्र, दुर्गेश कुमार सिंह, हमेंद्र जाटव, राहुल सिंह, विमलेश कुमार, महाकुंड, जितेंद्र पटेल आदि ने ऊर्जा निगमों के कथित स्वेच्छाचारी रवैये पर आक्रोश जताया। 

विधायक ने लिखा सीएम को पत्र
बिजलीकर्मियों की हड़ताल को लेकर सपा विधायक अनिल प्रधान ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विद्युतकर्मियों की जायज मांगों को पूरा कर उनकी हड़ताल खत्म कराएं, जिससे लोगों को समस्याओं से निजात मिल सके। 

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