Kanpur Zoo Accident: महिला की मौत में चिड़ियाघर प्रशासन को क्लीन चिट, चालक, गार्ड सहित किसी स्टाफ की लापरवाही नहीं
Kanpur Zoo Accident कानपुर के चिड़ियाघर में टॉय ट्रेन से कटकर महिला की मौत हो गई थी।
Kanpur Zoo Accident कानपुर में टॉय ट्रेन से कटकर महिला की मौत के मामले में चिड़ियाघर प्रशासन को क्लीन चिट दे दी है। इसमें मौत की वजह चलती ट्रेन में बैठने की कोशिश मानी है। साथ ही चालक और गार्ड सहित किसी स्टाफ की लापरवाही नहीं है।
कानपुर, अमृत विचार। 26 नवंबर को टॉय ट्रेन हादसे में महिला की मौत मामले में चिड़ियाघर प्रशासन को क्लीनचिट मिल गई है। जांच कमेटी का मानना है कि महिला दौड़कर चलती ट्रेन में बैठना चाहती थी। ट्रेन धीमी थी, लेकिन जिस कोच में उसके पति और बेटी बैठीं थी, वह उसी में बैठने की कोशिश कर रही थी। अचानक खंभा आ गया और उससे टकराने से वह गिर गई और दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। इस हादसे में जू प्रशासन किसी भी तरह से कसूरवार नहीं है।
चिड़ियाघर में बीते शनिवार को रामादेवी की रहने वाली शिक्षिका अंजू शर्मा की टॉय ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। अंजू अपने पति सुबोध शर्मा, बेटा अविरल और बेटी अदिति के साथ चिड़ियाघर घूमने आईं थीं। टॉय ट्रेन में बैठने की बच्चों ने जिद की तो वह मान गईं। बेटी और पति दौड़कर ट्रेन में बैठ गए।
अंजू के पहुंचने से पहले ही चलती ट्रेन की दूसरी बोगी में पति और बेटी बैठ चुके थे। पीछे से आईं अंजू बोगी में बैठ नहीं पाईं और अचानक प्लेटफार्म पर एक पिलर आ गया, जिससे वह टकरा गईं और दो बोगियों के बीच फंसते हुए वह पटरी पर गिर गईं। ट्रेन का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सक ने उन्हें मृत घेषित कर दिया।
इस मामले जू प्रशासन की लापरवाही को भी हादसे की वजह माना जा रहा था। लखनऊ की तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की। कमेटी में मुख्य वन संरक्षक एसएन मिश्रा, वन संरक्षक मनोज कुमार सोनकर और जू कानपुर के उप निदेशक डॉ. अनुराग सिंह शामिल थे। तीन दिन चली इस जांच में टीम ने जू प्रशासन को क्लीनचिट दे दी है। शुक्रवार तक यह रिपोर्ट लखनऊ प्रधान वन संरक्षक को सौंप दी जाएगी।
ये सवाल अब भी बरकरार
- ट्रेन चल चुकी थी तो महिला व उसके परिवार को मुख्य गेट पर रोका क्यों नहीं गया?
- चलती ट्रेन में बैठने की कोशिश को देखते हुए गार्ड ने ट्रेन को रुकवाया क्यों नहीं?
- बेटी के शोर मचाने पर भी ट्रेन का चालक और गार्ड आखिर सचेत क्यों नहीं हुए?
टॉय ट्रेन अभी चालू नहीं होगी
- चिड़ियाघर प्रशासन टॉय ट्रेन को अभी चालू नहीं करेगा। ट्रेन को लेकर लखनऊ से निर्देश जारी होने के बाद ही उसे चलाया जाएगा। माना जा रहा है कि ट्रेन की बनावट को लेकर प्रधान वन संरक्षक निर्णय लेंगे। जांच रिपोर्ट में टॉय ट्रेन की बनावट को लेकर भी बिंदु तैयार किए गए हैं। हादसे को ध्यान में रखते हुए उन बिंदुओं को रिपोर्ट में शामिल कर प्रधान वन संरक्षक को भेजा जाएगा। उस पर निर्णय लेने के बाद टॉय ट्रेन को लेकर आगे की कार्रवाई होगी।
तीन सदस्यीय टीम ने जांच की थी। जू प्रशासन की कोई लापरवाही सामने नहीं आई है। चलती ट्रेन में दूसरी बोगी में बैठने की महिला की कोशिश थी। पिलर से टकराने से वह गिर गईं थीं। प्लेटफार्म पर नियम सख्त किए जाएंगे।- डॉ. अनुराग सिंह, उप निदेशक, जू कानपुर
