संभल: गन्ना जलाने को लेकर पुलिसकर्मियों-किसानों में खींचतान, नोकझोंक

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कंबल डालकर पुलिस ने बुझाई आग, एसडीएम के आश्वासन पर शांत हुए किसान

संभल, अमृत विचार। ब्लाक परिसर से किसान नारेबाजी करते हुए सदर तहसील परिसर में पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर गन्ना जलाकर विरोध जताया। यहां पुलिसकर्मियों ने कंबल डालकर आग बुझाई। एस दौरा मौके पर पहुंचे एसडीएम को किसानों ने ज्ञापन सौंपा।
 
 भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक (असली ) के सदस्य गुरुवार को ब्लॉक परिसर में एकत्रित हुए। जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए सदर तहसील परिसर में पहुंचे और मांगों को लेकर गन्ना जलाने का प्रयास करने लगे। गन्ने में आग लगाते किसानों को पुलिस कर्मियों ने देख लिया और उन्होंने गन्ना को छीनने की कोशिश की। 

इस दौरान पुलिस व किसानों के बीच गन्ना की खींचतान को लेकर नोकझोंक हो गई। इसके बाद भी किसानों ने गन्ना को आग लगा दी। तभी पुलिस कर्मियों ने गन्ने पर कंबल डालकर आग बुझाई। सूचना मिलने पर एसडीएम विनय कुमार मिश्र मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा बुझाकर शांत किया। 

 जिलाध्यक्ष ने बताया कि एक माह के बाद भी गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया गया है। 450 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य घोषित करने की मांग की। बाजरे की खरीद के लिए जिले में क्रय केंद्र स्थापित नहीं किए गए हैं। जिसकी वजह से किसान कम कीमत पर आढ़ती को बाजरा बेचने को मजबूर हैं। जिले में गेहूं की बुवाई करने के लिए खाद की किल्लत है।

 यहां एसडीएम ने मांगों को पूरा कराने का पूरा आश्वासन दिया। इस दौरान जयवीर सिंह यादव, चौधरी संजीव गांधी, कामेश त्यागी, मोहम्मद वारिस, दिनेश सिरोही, मोहम्मद सुलेमान, समरपाल सिंह, दिलशाद, मोहम्मद नासिर, जीशान, चौधरी अर्जुन सिंह, अनीस अहमद, मोहम्मद गुफरान, हरिओम यादव, महावीर सिंह, ब्रह्मचारी यादव, प्रताप सिंह, हाजी युसूफ, रामवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

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