विकास के नाम पर अयोध्या को उजाड़ने की साजिश : पवन

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धर्म की नगरी को व्यवसायिक नगरी बनाने की कवायद चल रही

संत-धर्माचार्यों को पीड़ित व्यापारियों के साथ खड़ा होना चाहिए

अमृत विचार, अयोध्या। पूर्व राज्यमंत्री व सपा के प्रदेश प्रवक्ता तेज नारायण पांडेय पवन ने कहा कि अभी तो रामपथ और भक्तिपथ के नाम पर शुरुआत हुई है। सड़क के नाम पर मंदिर और मस्जिद हटाए जा रहे हैं। राम और रामराज्य की बात करने वाली भाजपा अयोध्या को उजाड़ने की साजिश में जुटी है।

धर्म की नगरी अयोध्या को व्यवसायिक नगरी बनाने की कवायद चल रही है। रामनगरी के मठ-मंदिरों को उजाड़ कर यहां की जमीन पूंजीपति साथियों को बड़े-बड़े होटल, कॉम्पलेक्स व व्यवसाय के लिए उपलब्ध कराने की साजिश है। उन्होंने आह्वान किया कि संत-धर्माचार्यों को पीड़ित व्यापारियों के साथ खड़ा होना चाहिए। सपा सबके साथ है।

मंगलवार को वह सिविल लाइन स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि मैनपुरी उपचुनाव से लौटने के बाद आज दर्शन के लिए हनुमानगढ़ी गया तो व्यापारियों का दुख-दर्द देखा-सुना और जमीनी हालात देखे। पीढ़ियों से आबाद लोगों के आशियाने और दुकान पर बुलडोजर चला दिया गया।  मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने को कहा जा रहा है।

अयोध्या वासियों को पीएम, सीएम व भाजपा ने बड़े-बड़े सपने दिखाए थे लेकिन हो इसका उल्टा रहा है। सवाल उठाया कि हनुमानगढ़ी से कौन प्रसाद का लड्डू लेने टेढ़ी बाजार कॉम्पलेक्स आएगा और इस महंगाई के दौर में लाख-डेढ़ लाख के भरण-पोषण से कैसे पेट भरेगा और परिवार चलेगा।

पूर्व मंत्री ने मांग की कि राम की प्रजा की खुशहाली व तरक्की के लिए मौके पर अधिग्रहण से बची जमीन का आवंटन तथा पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर श्याम कृष्ण श्रीवास्तव, जाफर मीशम, बलराम मौर्य व मनोज जायसवाल मौजूद रहे।

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