बरेली: पंचायत चुनाव में 725 मतदाताओं पर होगा एक बूथ
बरेली, अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर बूथों की मैपिंग की गई है। इसमें आठ सौ से अधिक मतदाताओं पर बनाये गये बूथों में संशोधन किया जा रहा है। अब 725 मतदाताओं पर एक बूथ बनेगा। इसके लिए जिला निर्वाचन से जुड़े कर्मचारी तैयारी में जुटे हैं। पंचायत चुनाव …
बरेली, अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर बूथों की मैपिंग की गई है। इसमें आठ सौ से अधिक मतदाताओं पर बनाये गये बूथों में संशोधन किया जा रहा है। अब 725 मतदाताओं पर एक बूथ बनेगा। इसके लिए जिला निर्वाचन से जुड़े कर्मचारी तैयारी में जुटे हैं।
पंचायत चुनाव को देखते हुए सबसे पहले बूथों की मैपिंग का काम तेजी से की गई है। इसके कारण अधिक मतदाताओं वाले बूथों का प्रिंट निकाल कर संख्या कम की जा रही है। इसके तहत 725 मतदाताओं पर एक बूथ बनाया जा रहा है। इसके साथ बूथों पर पड़ने वालों वार्डों की संख्या भी घटाई जा रही है। इसके बाद निर्वाचन नामावली का पुनरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
पंचायत चुनाव की आहट से गांवों में सरगर्मी बढ़ी
कोरोना के कारण अभी तक पंचायत चुनाव की तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाई है। लेकिन दिसम्बर पूरा होने वाले ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को लेकर काफी चर्चा है। वहीं, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव को लेकर भी संभावित प्रत्याशी अपने- अपने हिसाब से क्षेत्र में पकड़ बनाने में जुटे हुए हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर दो पहलुओं पर लोगों के बीच चर्चा हो रही है। एक तो कार्यकाल पूरा होने पर प्रशासक की नियुक्ति, दूसरी तरफ लोगों का मानना है कि छह माह से अधिक चुनाव को टाला नहीं जा सकता है। इसके कारण चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों का लोगों के बीच कोरोना के बहाने जाना हो रहा है।
इस बार नाम जुड़वाने का मिलेगा मौका
1193 ग्राम पंचायतों में आने वाले समय में निर्वाचन नामावली के पुरीक्षण के दौरान लोगों को वोटर बनने का अवसर भी मिलेगा। इसमें जिम्मेदार सभी गांवों की वोटरलिस्ट को अवलोकन करेंगे। इस बार कोरोना के कारण काफी संख्या ऐसे लोगों की भी है,जो दशकों से गांव के बाहर थे, उनका नाम किसी वजह से मतदाता सूची से कट चुका है। अब वे अपना फिर से नाम डलवा सकेंगे। इससे साफ जाहिर होता है कि इस बार के पंचायत चुनाव में मतदात प्रतिशत बढ़ेगा।
