रमेश पवार सर के साथ काम करने में हमेशा मजा आया : हरमनप्रीत कौर

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Edited By Amrit Vichar
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला से पहले हरमनप्रीत कौर ने कहा, किसी को एनसीए भेजने का फैसला बीसीसीआई लेता है

नवी मुंबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को मुख्य कोच के पद से हटाये गए रमेश पवार से किसी तरह के मतभेद से इनकार किया। पवार को टी20 विश्व कप से दो महीने पहले ही पद से हटा दिया गया। इससे पहले 2018 में तत्कालीन कप्तान मिताली राज से ठनने के कारण पवार को पद गंवाना पड़ा था। उन्हें एक बार फिर पद से हटना पड़ा और समझा जाता है कि हरमनप्रीत के अनुरोध पर उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी भेज दिया गया है।

हरमनप्रीत ने हालांकि इसे बीसीसीआई का फैसला बताते हुए किसी तरह के मतभेद से इनकार किया। उन्होंने कहा, ऐसा कुछ नहीं है। मुझे जब भी मौका मिला है, रमेश सर के साथ काम करने में पूरा मजा आया है ।हमने उनसे बहुत कुछ सीखा है और एक टीम के रूप में आगे बढे हैं। 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला से पहले उन्होंने कहा, किसी को एनसीए भेजने का फैसला बीसीसीआई लेता है। वह स्पिन कोच के रूप में वहां काम करेंगे और हम जब भी एनसीए जायेंगे तो रमेश सर रहेंगे ही। बोर्ड ने रिषिकेश कानिटकर को टीम का बल्लेबाजी कोच बनाया है जो आस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला के लिये पद संभालेंगे । कानिटकर के बारे में हरमनप्रीत ने कहा, श्रीलंका में उनके साथ अनुभव अच्छा रहा। वह जरूरत के समय हमेशा उपलब्ध थे । वह काफी अनुभवी हैं और टीम सही हाथों में है। हमें बीसीसीआई के फैसले पर कोई ऐतराज नहीं है।

उन्होंने कहा, वह काफी शांतचित्त है। टीम को मैदान पर इसकी जरूरत है। अतीत में भी टीम को ऐसे व्यक्ति के मार्गदर्शन की जरूरत रही है जो शांतचित्त हो और हमें बता सके कि क्या करना है। श्रीलंका में हमने वह अनुभव किया। हरमनप्रीत ने महिला क्रिकेटरों को पुरूष क्रिकेटरों के समान मैच फीस देने के बीसीसीआई के फैसले पर कहा, यह शानदार फैसला है। इससे मौजूदा खिलाड़ियों और उदीयमान खिलाड़ियों को काफी प्रेरणा मिलेगी। यह पहला कदम है और मुझे यकीन है कि आगे बहुत कुछ होगा।

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