बरेली: निगम में आसान नहीं नो-ड्यूज लेना, भटक रहे पार्षद पद के आवेदक
बरेली, अमृत विचार। पार्षद पद का चुनाव लड़ने के लिए नो-ड्यूज लेना कठिन हो गया है। निकाय चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग नगर निगम में कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। पिछली बार नो-ड्यूज देने के लिए निगम ने एक क्लर्क की तैनाती कर रखी थी। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ है। चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी पर किसी तरह का सरकारी देय बकाया नहीं हो चाहिए। इसके लिए नो-ड्यूज प्रमाण पत्र लगता है। मौजूदा समय चुनाव लड़ने के लिए तमाम लोग सक्रिय हैं। वर्षों से हाउस टैक्स, जमा नहीं करने वाले लोग भी इन दिनों टैक्स जमा कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें चुनाव लड़ना है।
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शहर में चार जोन हैं। नो ड्यूज लेने के लिए उन्हें जोन अधिकारी के पास भेजा जाता है। जोन अधिकारी निर्माण, जल, और गृहकर के लिए संबंधित क्लर्क से रिपोर्ट देने की बात कहकर शांत हो जाते हैं। अब आवेदक के आवेदन पर ही अफसर अपना रिमार्क लिखकर आवेदक को ही दे देते हैं कि वह सभी जगह जाकर सभी की रिपोर्ट ले लें। आवेदक को उस समय तो अच्छा लगता है कि अफसर ने आवेदन पर लिखकर उसे कागज दे दिया, लेकिन जब वही आवेदक एक छोर से दूसरे छोर पर बैठने वाले क्लर्कों के पास जाता है तो क्लर्क कहते हैं कि मुझे रिपोर्ट देने का आदेश नहीं है। कभी यह भी कहते हैं कि अभी व्यस्तता है और कुछ देर बाद आना।
शुक्रवार को एक आवेदक नए भवन में नगर आयुक्त कार्यालय के पास तक पहुंच गया। पार्षदों ने उसे समझाया कि जब क्लर्क रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं तो अपर नगर आयुक्त से मिलकर उन्हें बात बताएं। उस आवेदक के आवेदन पर अपर नगर आयुक्त ने ही सभी जगह से रिपोर्ट लाने को लिखा था। पार्षदों का कहना था कि पिछली बार एक क्लर्क की तैनाती केवल नो-ड्यूज देने के लिए निगम में की गई थी। सब कुछ आनलाइन है। एक कर्मचारी ही एक क्लिक पर किसी के भी बकाए की स्थिति को देख सकता है लेकिन निगम में यह व्यवस्था नहीं की गई है। तमाम पार्षदों ने अपने नो ड्यूज लेने को संबंधित जोन के क्लर्क को आवेदन दे दिए हैं।
अभी आचार संहिता लगी नहीं है। इक्का-दुक्का लोग ही नो ड्यूज लेने आ रहे हैं। इसलिए किसी की तैनाती नहीं है। समय पर यह काम भी किया जाएगा।- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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