पीलीभीत: धान खरीद में घाटा और उधारी में ठेकेदार ने रच दी लूट की फर्जी कहानी

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत/पूरनपुर, अमृत विचार। धान खरीद में घाटा और बढ़ते कर्ज में ठेकेदार ने ही फर्जी लूट की कहानी रच दी थी। पुलिस की पांच टीमों ने छानबीन की और फिर खुलासे तक पहुंच गईं। मामला पूरी तरह से फर्जी निकला। ठेकेदार की निशानदेही पर लूट में बताए गए रुपए में से 3.80 लाख रुपए और तमंचा बरामद कर लिया। फर्जी घटना को अंजाम देने पर ठेकेदार पर ही रिपोर्ट दर्ज की गई। एसपी अतुल शर्मा ने प्रेसवार्ता कर गुडवर्क गिनाया।

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सोमवार रात को पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र में भी गांव सिमराया निवासी ठेकेदार प्रभजोत सिंह उर्फ हैप्पी से पांच लाख रुपये लूट लिए थे। बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी कार पर फायरिंग भी की थी। इस घटना की रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है। देर रात एसपी अतुल शर्मा समेत अन्य अधिकारियों ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई थी। मंगलवार को पांच टीम गठित कर दी गईं। जिसके बाद टीम ने पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस कुछ तथ्यों के सामने आने के बाद संदिग्धता भी जताती रही। घटनास्थल पर पहुंचकर कईयों से पूछताछ की गई। सड़क किनारे रह रहे ग्रामीणों से भी संपर्क साधा।

सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, लेकिन मगर अंधेरे की वजह से कुछ हासिल नहीं हो सका। ठेकेदार से भी गहनता से पूछताछ हुई। जिसके बाद परतें खुलती चली गईं और घटना फर्जी निकली। कोतवाल अशोक पाल और अन्य टीमों ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। तैनाती के बाद ही चोरी और फिर लूट की घटना से हुई पुलिस की फजीहत को देखते हुए एसपी अतुल शर्मा ने मंगलवार रात को ही प्रेसवार्ता रख दी। नगदी और तमंचा बरामद कर पकड़े गए ठेकेदार को मीडिया के सामने पेश कर गुडवार्क गिनाया गया। टीम की भी पीठ थपथपाई।

पुलिस बुलाती रही और देरी से पहुंचा ठेकेदार
कहते हैं कि अपराधी कितना भी शातिर हो लेकिन कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ जाता है। ऐसा ही कुछ इस मामले में भी देखने को मिला। बताते है की घटना को लेकर पुलिस कुछ ही देर में फर्जीवाड़े के कयास लगा चुकी थी। इसके बाद तब शक और हो गया जब मंगलवार को पुलिस वादी को बुलाती रही और वह टालमटोल करता रहा। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह आया। पुलिस की टीमें उसे लेकर दौड़ने लगी और साक्ष्य जुटाए गए। ठेकेदार को भी अहसास हो गया कि वह फंस रहा है। उसके बाद पहले गुमराह करने की कोशिश की और फिर अंत में सच सामने आ गया। उसे बाद आनन फानन में रात को ही खुलासा कर दिया गया। 

ये रहे टीम में शामिल, इन धाराओं में लिखी रिपोर्ट
खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल अशोक पाल, इंस्पेक्टर क्राइम उमेश कुमार, दरोगा आयुष कुमार, सिपाही रजत वालियान, एसओजी प्रभारी जगदेव मलिक, सर्विलांस प्रभारी गौरव विश्नोई शामिल रहे। फर्जी कहानी रचने पर ठेकेदार पर धारा 182,  195, 420 आईपीसी और आर्म्स एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

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