मुरादाबाद: हत्या के मामले में पिता व तीन बेटों को उम्रकैद, 10 साल पहले की थी हरिओम की हत्या
मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया था केस
मुरादाबाद, अमृत विचार। 10 साल पहले मझोला थाना क्षेत्र में पीतल कारीगर की हत्या में पिता व तीन बेटों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में मुख्य हत्यारोपी घटना के बाद से ही जेल में बंद था।
थाना मझोला क्षेत्र के मीरपुर में रहने वाली सुषमा ने 19 अक्टूबर 2012 को थाने में तहरीर देकर अपने पति हरिओम की हत्या का केस दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया था कि सुषमा अपने पति हरिओम के साथ मीरपुर स्थित मायके में रहती थी। उसका पति हरिओम पीतल ढलाई का काम करता था। सुषमा के अनुसार मीरपुर में ही रहने वाला उसका मौसा कल्लू संपत्ति के बंटवारे को लेकर रंजिश रखता था। घटना की रात हरिओम पीतल फर्म से ड्यूटी खत्म कर वापस लौटा था। इसके बाद वह छत पर बैठकर खाना खा रहा था।
तभी कल्लू अपने तीन बेटों जोगेंद्र, अजय और देवेंद्र के साथ आया और हरिओम पर हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर सुषमा अपनी मां प्रेमवती के साथ छत पर पहुंची तो देखा कि कल्लू और उसके तीनों बेटे हरिओम से मारपीट कर रहे थे। सुषमा ने पति को बचाने की कोशिश की, लेकिन तभी जोगेंद्र ने अंटी से तमंचा निकालकर हरिओम के पेट में गोली मार दी थी।
आरोपियों ने कहा था कि हरिओम ने उनकी बेटी से छेड़खानी की है, इसलिए वह उसे नहीं छोड़ेंगे। गोली से घायल हरिओम को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेजा था। जोगेंद्र घटना के बाद से ही जेल में बंद है। जबकि उसके पिता कल्लू और दो भाइयों अजय और देवेंद्र को जमानत मिल गई थी।
इस मामले की सुनवाई एडीजे-11 मोहित शर्मा की अदालत में हुई। एडीजीसी समर्थ शुक्ला और एडीजीसी मधु रानी चौहान ने अभियोजन पक्ष रखा। एडीजीसी समर्थ शुक्ला ने बताया कि घटना की चश्मदीद मृतक की पत्नी सुषमा और सास प्रेमवती की गवाही महत्वपूर्ण रही। अभियोजन ने इसके अलावा भी छह अन्य गवाह कोर्ट में पेश किए थे। अदालत ने गवाहों के बयान और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा सुनाने के बाद कल्लू व उसके दोनों बेटों अजय तथा देवेंद्र को जेल भेज दिया गया।
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