बरेली: 2017 में कांग्रेस को पार्षद की एक सीट मिली, इस बार राह नहीं आसान
बरेली, अमृत विचार। पूर्व के चुनावों में कांग्रेस की हालत खराब होने के साथ नेताओं में बिखराव और एकजुटता की कमी साफ नजर आई थी। इस बार निकाय चुनाव में कांग्रेस अपने को जिंदा रखने के लिए दमखम से लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी निगम के 80 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में जुटी है। 2017 में हुए निकाय चुनाव की बात करें तो कांग्रेस पार्टी के लिए नगर निगम की 80 सीटों पर पार्षद पद के उम्मीदवार भी नहीं मिले थे, इसलिए 80 में से 68 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें सिर्फ एक वार्ड में ही जीत नसीब हुई थी।
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वार्ड नंबर 38 (बेनीपुर चौधरी) से कांग्रेस प्रत्याशी जफरुद्दीन को जीत मिली थी। पार्टी के मेयर प्रत्याशी रहे अजय शुक्ला 21295 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। कभी जिले की सबसे बड़ी पार्टी कही जाने वाली कांग्रेस के बड़े नेता भी दूसरे दलों में जा चुके हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक भी प्रत्याशी 20 हजार से अधिक वोट नहीं पा सका था। अब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार और राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से पार्टी नगर निकाय चुनाव में मजबूती से वापसी करने की बात कर रही है।
आवेदन की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित
नगर निकाय चुनाव में तैयारियों की समीक्षा को लेकर सेक्टर प्रभारियों की बैठक महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला के आवास पर हुई। जिसमें सेक्टर प्रभारियों ने अपने वार्ड के बारे में बताया। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि कहा कि इस चुनाव के जरिए 2024 में राहुल गांधी को मजबूत करना चाहते हैं। इसी इरादे के साथ महानगर कांग्रेस 80 वार्डों में अपने प्रत्याशियों को मजबूती से लड़ाएगी। आवेदनों की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी गठित की गई है।
निकाय चुनाव प्रमुख प्रभारी महेश पंडित ने बताया है कि अंतिम तिथि को लेकर हाईकमान का कोई निर्देश नहीं। इसलिए सभी सेक्टर प्रभारी अपने-अपने वार्डों में मुस्तैद रहकर आवेदन लेने के कार्य को जारी रखें। प्रवक्ता योगेश जौहरी ने बताया है कि नगर निगम के 80 वार्डों में लगभग 640 बूथ हैं। महानगर कांग्रेस कमेटी सभी बूथों पर अपने 5 सक्रिय कार्यकर्ता बनाने के काम में जुटी है। इस मौके पर प्रेम प्रकाश अग्रवाल, नवाब मुजाहिद हसन खां ,एडवोकेट सुबोध जौहरी, अरविंद महाराज, राजेश कुमार, हर्ष विसरिया, हर्षित दुबे, ममता पंडित मौजूद रही।
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