बरेली: जलकल के जेई अब कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की मरम्मत कार्य भी देखेंगे

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। लगभग 12 लाख की आबादी वाले शहर में कहीं भी जलापूर्ति की समस्या आती है तो उसे संभालने के लिए नगर निगम में एक ही अवर अभियंता है। एक जेई कहां-कहां और क्या -क्या समस्याएं देखेगा। जाहिर है जनता परेशान होगी, उसका फोन नहीं उठेगा। वह निगम के अफसरों को कोसेगी।

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निगम में यही व्यवस्था चली आ रही है और अब उसी जेई को स्वास्थ्य विभाग के वाहनों के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी दे दी गई है। शहर में हर दिन कहीं न कहीं पेयजल की पाइप लाइन फटने, लीक होने या पानी नहीं आने की समस्या आती है। कुछ लोग पार्षद को समस्या बताते हैं तो कुछ ऐसे भी लोग हैं जो नगर निगम में फोन करते हैं तो उन्हें जेई का नंबर दे दिया जाता है।

जनता जब जेई को फोन करती है तो उनके फोन की घंटी तो बजती है, लेकिन जेई का फोन नहीं उठता है। उच्चाधिकारी को फोन नहीं उठने की जानकारी देने पर वे कहते हैं पूरे शहर की जलापूर्ति की समस्या के समाधान का जिम्मा एक जेई पर है वह किस-किस का फोन उठाए। शहर की जलापूर्ति समस्या से जुड़े अकेले जेई को एक और जिम्मेदारी दे दी गई है।

नगर आयुक्त के आदेश पर अपर नगर आयुक्त प्रथम ने जलकल जेई अजीत कुमार को वाहनों के रखरखाव की जिम्मेदारी दी है। अपर नगर आयुक्त प्रथम सुनील यादव ने अपने आदेश में कहा है कि सफाई व्यवस्था के लिए संचालित वाहनों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार करने एवं कराए गए कार्य के बिलों के सत्यापन का कार्य भी करने की जिम्मेदारी जेई जलकल को दी गई है।

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