बरेली: नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग में भ्रष्टाचार, मेयर ने प्रभारी को हटाया
बरेली,अमृत विचार। गांधी उद्यान के पास से लेकर डेलापीर चौराहे तक की लगाई गईं करीब 2.79 करोड़ की फैंसी लाइटों के गिरने और एक पखवाड़े में खराब होने के मामले जब अखबार की सुर्खियां बनी तो मेयर डा. उमेश गौतम ने बड़ी गंभीरता से लिया। अमृत विचार की खबरों का संज्ञान लेते हुए नगर निगम …
बरेली,अमृत विचार। गांधी उद्यान के पास से लेकर डेलापीर चौराहे तक की लगाई गईं करीब 2.79 करोड़ की फैंसी लाइटों के गिरने और एक पखवाड़े में खराब होने के मामले जब अखबार की सुर्खियां बनी तो मेयर डा. उमेश गौतम ने बड़ी गंभीरता से लिया। अमृत विचार की खबरों का संज्ञान लेते हुए नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग में हुए भ्रष्टाचार होने की बात कहते हुए उन्होंने प्रभारी को हटाने का आदेश दे दिया है। आरोप है कि प्रकाश विभाग में उगाही की जा रही है। इसकी भी शिकायतें मेयर के पास पहुंची हैं। इस कार्रवाई से नगर निगम में हड़कंप मचा है।
गांधी उद्यान से डेलापीर चौराहे तक गाजियाबाद की एक फर्म ने नए किस्म की लाइटें लगवाईं। 14 वें वित्त के बजट से करीब 250 लाइटें लगाई गईं। कुछ दिन पहले हल्की बारिश और हवा के कारण फैंसी लाइट का पोल गिर गया। इस खबर को विभिन्न तिथियों में प्रमुखता से अमृत विचार ने प्रकाशित किया। इसी बीच प्रकाश विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायतें भी मेयर के पास पहुंचती रहीं।
उपसभापति छंगामल मौर्य ने प्रकाश विभाग के प्रभारी व जलकल के महाप्रबंधक राजेश कुमार यादव की शिकायत की। आरोप है कि ठेकेदार से लेकर सभी पार्षदों ने अवैध उगाही की शिकायत की। वहीं दूसरी तरफ फैंसी लाइटों के गिरने के मामले में इनकी भूमि सही नहीं पाई गई। मेयर ने बताया कि मीडिया को सही जानकारी प्रभारी ने नहीं दी है। नगर निगम में भ्रष्टाचार की जीरो टालरेंस नीति का अच्छे से पालन किया जा रहा है।
“नगर निगम की छवि खराब करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में अवैध उगाही का खेल नहीं होने दिया जाएगा। जो कार्य होगा, उसमें पारदर्शिता होनी चाहिए। जन सुविधाओं और पार्षदों की बातों को न सुनने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। अगर अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले धन मांगे तो हमें सूचना दें। नाम गोपनीय रखते हुए सबक सिखाने का काम किया जाएगा।” -डा. उमेश गौतम, मेयर
