हरदोई में लापरवाही की हद, सरकारी स्कूल में दो घंटे बंद रहा छात्र 

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Edited By Amrit Vichar
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रोते-रोते बेहाल हुआ छात्र,ज़िम्मेदारों से की गई शिकायत

हरदोई, अमृत विचार। सरकारी स्कूलों में कैसी लापरवाही बरती जाती हैं,इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्कूल के ज़िम्मेदार छुट्टी होने के बाद एक छात्र को वहीं कमरें में बंद कर चले गए। मासूम छात्र जब घर नहीं पहुंचा तो उसे ढूंढा जाने लगा। स्कूल के अंदर से उसके रोने की आवाज़ सुन गई,तब कहीं उसे वहां से बाहर निकाला गया।

बताया गया है कि बेंहदर ब्लाक के प्राइमरी स्कूल (इंग्लिश मीडियम) ब्रम्हनान में पड़ोस के रसूलापुर का 6 वर्षीय विनय वहां का छात्र है। गुरुवार को वहां के ज़िम्मेदार छुट्टी होने पर स्कूल में ताला लगा कर अपने-अपने घरों को चले गए।इधर विनय घर नहीं पहुंचा,तो उसे ढूंढा जाने लगा। करीब दो घंटे तक उसकी तलाश होती रही।इसी बीच उसका चाचा योगेश स्कूल के आसपास पहुंचा, वहां उसे कमरें के अंदर से किसी के रोने की आवाज़ सुनाई दी। इस पर योगेश अंदर फांद कर गया और कमरें में झांका, जहां विनय ज़ोर-ज़ोर से रो रहा था। इस पर तुरंत स्कूल के शिक्षामित्र को बुलाया गया। शिक्षामित्र ने ताला खोला,दहशतज़दा विनय अपने घर वालों के लिपट कर रोने लगा।

क्या बोले ज़िम्मेदार
स्कूल के हेडमास्टर सुरेश चंद्र ने बताया है कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया था, एक्सीडेंट की खबर सुनते ही वे बदहवासी की हालत में चले गए थे। स्कूल शिक्षामित्र ने बंद किया था। उनका कहना है कि विनय आंगनबाड़ी का छात्र है। वह अंदर कमरें में सो गया था,कमरा बंद करने वाली रसोइयों की उस पर नज़र नहीं पड़ी। उनकी थोड़ी सी चूक से इतना बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया।

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