FICCI के 95वें वार्षिक सम्मलेन में राजनाथ सिंह ने बताई PM मोदी के 'पंच प्रण' की बात, देखिए क्या कहा
नई दिल्ली। FICCI (Federation of Indian Chambers of Commerce & Industry) के 95वें वार्षिक सम्मेलन और AGM में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि PM मोदी ने 'पंच प्रण' यानि पांच संकल्पों की बात की थी जिनमें पहला-विकसित भारत का निर्माण, दूसरा-गुलामी की हर सोच से मुक्ति, तीसरा-विरासत पर गर्व, चौथा-एकता और एकजुटता व पांचवा-नागरिकों द्वारा कर्तव्य पालन, यह 5 बातें शामिल है इनमें से सबसे पहले संकल्प को पूरा किए बिना भारत विश्व की महा शक्ति नहीं बन सकता।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब मोदीजी प्रधानमंत्री बने थे तब देश दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी और हमारी Economy की Size हुआ करती थी, करीब दो ट्रिलियन डालर। आज भारत की अर्थव्यवस्था, साढ़े तीन ट्रिलियन डॉलर के आकार के साथ दुनिया में पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुकी है। मोर्गन स्टैनले ने एक शब्द की रचना की थी 'Fragile Five' यानि दुनिया के वे पांच देश जिनकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा रही थी। इस 'Fragile Five' में भारत भी था। आज भारत उस 'Fragile Five' की कैटगरी से निकल कर दुनिया की 'Fabulous Five' अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े आठ सालों में प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में कई Procedural और Structural reforms किए गए जिसने भारत को विकास की राह में एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार किया है। देश में 46 करोड़ खाते खोले गए और हर गरीब का बैंक में खाता खोला गया। बैंक खाते को आधार और मोबाइल से लिंक किया गया। और एक ऐसी Transparent व्यवस्था बन गई जिससे गरीबों के साथ उनकी सब्सिडी और अन्य राहत में होने वाला भ्रष्टाचार समाप्त हो गया और पैसे की भी बचत हुई।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज देश का गरीब सिर्फ बैंक में एक Account Holder भर नही बल्कि देश की Economy में Stake Holder है। यह है हमारी Inclusive Policies का परिणाम। एक समय था भारत में साधारण आदमी के लिए अपना व्यवसाय शुरू करना आसान काम नहीं था। हमारे प्रधानमंत्री ने जहां देश में ईज आफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया वहीं छोटे कारोबारियों के लिए वे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना लेकर आए, जिसमें 50 हजार से दस लाख रूपए तक के कर्ज लोगों को दिए गए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार ने भारत के आम नागरिकों की नीयत और कार्य क्षमता पर भरोसा किया और आप आंकड़े देखिए मुद्रा लोन के माध्यम से जो छोटी-छोटी राशियां दी गई उनमें NPA (Non Performing Asset) की संख्या सात सालों में केवल 3.3 फीसदी रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत अब 20 लाख 43 हजार करोड़ रूपए का कर्ज छोटे मझोले कारोबारियों को दिया गया है। इनमें से 70 फीसदी कर्ज महिलाओं, पिछड़ी जातियों और अनुसूचित जाति वर्ग को दिया गया है। यह है हमारे Inclusive Growth का मॉडल।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इसी तरह कारोबार की दुनिया में हाल के वर्षों में कई नए स्टार्ट अप्स सामने आए है। साल 2014 में देश में मुश्किल से 400-500 स्टार्ट अप्स थे। आज देश में 80000 रजिस्टर्ड स्टार्ट अप्स है। आज इनमें से 107 दुनिया में यूनिकार्न के रूप में जाने जाते है। जब देश की आर्थिक स्थिति समृद्ध होती है तो विदेशों से भी खूब निवेश आता है। कोरोना के संकट के बावजूद देश में रिकार्ड FDI आया है। एक साल में 83 बिलियन डॉलर से अधिक का FDI भारत आया है। आज भारत का विदेशी मुद्रा भण्डार 561 बिलियन डालर से भी अधिक है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आप में से कई लोगों को यह याद होगा कि 1991 में भारत का विदेशी मुद्रा भण्डार इतना खाली हो गया था कि देश का सोना गिरवी रखने की नौबत आ गई थी। वह दिन था और आज का दिन है, भारत एक नए स्वाभिमान के साथ नई संभावनाओं की दस्तक दे रहा है। पिछले 8 सालों में आप देखेंगे, कि हमारे देश ने अपने potential को फिर से realize किया और उसके सहारे नए लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना शुरू किया। सरकार ने ऐसे-ऐसे कदम उठाने शुरू किए जो किसी देश की economy को मजबूत करने वाले होते हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आप लोगों ने 'National Education Policy-2020' देखी होगी। उसमें एक तरफ formal education, तो दूसरी तरफ शिक्षा की शुरूआत में ही vocational education, साथ ही industry और academia के collaboration का भी प्रावधान आपको मिलेगा। नए-नए IITs, IIMs और polytechnic colleges open किए गए।Medical colleges स्थापित करने और medical seats में बड़ी संख्या में बढ़ोत्तरी करने जैसे कई महत्त्वपूर्ण कदम इस सरकार ने उठाए हैं, जो देश में Skilled Human Resource का एक Reliable Source बनाए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सन 2014 में अनेक bank NPA और घाटे के बोझ तले दबे हुए थे। वे नए loan देने की स्थिति में दूर-दूर तक नहीं थे। ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए भी सरकार ने कई reforms किए। हमने मजबूती से कदम उठाकर कुछ बैंकों को आपस में merge किया। उन्हें रिकैपिटलाइज़ किया गया है। देश की economy को मजबूत करने के लिए technology एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण component है। इसको बढ़ावा देने के लिए भी हमने अनेक कार्य किए हैं। हमारे जो research & development establishments हैं, चाहे वह CSIR हो अथवा DRDO हो, हमने उनमें बड़े स्तर पर reforms लाने का प्रयास किया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा Foreign Direct Investment के norms को simplify करना भी एक महत्त्वपूर्ण कदम है। Defence sector में पहले यह जहाँ 49% हुआ करता था, अब उसे automatic route द्वारा 74%, और government route द्वारा 100% तक कर दिया गया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इसका भी 25% हिस्सा, domestic private industry के लिए reserve कर दिया गया है। मुझे कहते हुए खुशी होती है, कि इनके परिणाम अब हमारे सामने आने शुरू हो गए हैं। हमारा defence export पिछले कुछ वर्षों में सात गुना तक बढ़ गया है, जिसके बारे में पहले कभी सोचा भी नहीं गया था। हमारी domestic industry की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने defence के capital acquisition का एक निश्चित हिस्सा domestic procurement के लिए reserve कर दिया है। इस वर्ष, यानि 2022-2023 के लिए यह 68% यानि लगभग 85,000 करोड़ कर दिया गया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार वर्ष 2025 तक Defence production को 12 billion US डॉलर से बढ़ाकर 22 billion US डॉलर करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। आप कल्पना कर सकते हैं, कि इस तरह के growth के साथ industry के लिए कितने अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि मैं आज के इस कार्यक्रम के माध्यम से Domestic Industry, और Foreign OEMs से, Defence sector में invest करने, और इस अवसर का लाभ उठाते हुए Global Supply chain में integrate होने का आवाहन करता हूं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आपने देखा होगा, कि Income tax हो या फिर GST, गत वर्ष इनका जितना collection हुआ है उसके बारे में अब तक सोचा भी नहीं गया था। जब मैं यहाँ tax collection की बात कर रहा हूं, तो यह अपने आप में कोई लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह लोकहित की पूर्ति का साधन है। विभिन्न infrastructure, जैसे Roads, railways, airports, ports और shipping infrastructure का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। Production Linked Incentive Scheme के चलते private investment बढ़ा है, जो अर्थव्यवस्था में demand को मजबूत करेगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी economy की मजबूती के लिए यह शुभ संकेत है। मैं हमारी business community को आश्वस्त करना चाहता हूँ, कि आने वाला समय हमारे बिलकुल अनुकूल है, और हमें पूरे जोश-खरोश के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिन बातों में अभी मैंने उल्लेख किया उसका निहित स्वार्थों के चलते लोग विरोध करते हैं। लोगों ने GST का विरोध किया, PLI स्कीम का विरोध किया, कृषि सुधारों का विरोध किया। यह विरोध के नाम पर विरोध बंद होना चाहिए क्योंकि यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिये अच्छा नहीं है।
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