अयोध्या: 221 करोड़ से बनेगा एसटीपी, 15 नालों के पानी का होगा ट्रीटमेंट
मांझा जमथरा पर सांसद व विधायक ने किया भूमिपूजन
अमृत विचार, अयोध्या। अयोध्या के नगर क्षेत्र की सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए एक और कदम बढ़ाया गया है। माझा जमथरा में रविवार को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए भूमि पूजन हुआ। 221 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 33 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण होने से जुड़वा शहरों के 15 नालों के पानी का ट्रीटमेंट शुरू हो जाएगा। नालों के पानी का शोधन करने के बाद इसे सरयू नदी में गिराया जाएगा।
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत एसटीपी निर्माण पर 221 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सांसद लल्लू सिंह और विधायक वेद प्रकाश गुप्त ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्लांट निर्माण के लिए भूमि पूजन कराया। इस दौरान डीएम नीतीश कुमार व नगर आयुक्त विशाल सिंह भी मौजूद रहे। सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि इसके निर्माण की डेडलाइन दिसंबर 2024 है। योजना की कार्यदायी संस्था इको प्रोटेक्शन इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई है। सांसद लल्लू सिंह ने बताया कि इस सीवरेज प्लांट के बन जाने के बाद निगम क्षेत्र की गंदगी स्वाभाविक रूप से समाप्त हो जाएगी। अयोध्या सुंदर, स्वच्छ और आध्यात्मिक नगरी बने, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयासरत हैं।
जानिए, कैसे काम करता है एसटीपी
एसटीपी के जरिए दूषित पानी में से रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म किया जाता है और हानिकारक जीवाणुओं को मार दिया जाता है। पानी में कचरा, अन्य तरह की गंदगी होती है, जिसमें घर, ऑफिसों और इंडस्ट्रीज से निकला वेस्ट होता है इसलिए इसकी सफाई बहुत जरूरी होती है। एसटीपी प्लांट इसी दूषित पानी की सफाई करता है। सीधे शब्दों में कहें तो एसटीपी से गंदे और दूषित पानी को फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जाता है। यह तकनीक नदियों, झीलों और महासागरों तक दूषित पानी के पहुंचने से पहले उसके अंदर की अशुद्धियों को हटा देती है। पानी के उपचार के लिए यह सबसे अच्छी तकनीक मानी जाती है।
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