नैनीताल: किशन चंद्र को हाईकोर्ट से राहत नहीं, अग्रिम जमानत दिए जाने की मांग की थी

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Edited By Amrit Vichar
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नैनीताल, अमृत विचार। हाईकोर्ट ने कॉर्बेट नेशनल पार्क के तत्कालीन उप वन संरक्षक किशन चंद्र की ओर से अग्रिम जमानत दिए जाने को लेकर दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की एकलपीठ ने उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं देते हुए अगली सुनवाई हेतु 3 जनवरी की तिथि नियत की है।

किशन चंद्र पर कालागढ़ में तैनाती के दौरान मोरघट्टी व पाखरो में अवैध निर्माण के साथ ही पेड़ों के कटान का आरोप है। सरकार ने किशन चंद्र को निलंबित कर दिया था। साथ ही विजिलेंस को जांच सौंप दी थी। विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।

आरोपी पक्ष की तरफ से कहा गया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं, जितने भी कार्य उनके द्वारा किए गए, वे विभागीय अधिकारियों की सहमति से किए गए। चंद ने इससे पहले उच्च न्यायलय में अपनी गिरफ्तारी पर रोक व एफआईआर को निरस्त करने को लेकर याचिका दायर की थी, जिसको उच्च न्यायलय ने निरस्त कर दिया था। सोमवार को अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए उनके द्वारा अग्रिम जमानत हेतु प्रार्थना पत्र दायर किया गया।

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