एनबीएफजीआर ने मनाया किसान दिवस, कृषकों को किया गया जागरुक

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अमृत विचार लखनऊ।  भाकृअनुप-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ की ओर से शुक्रवार को भारत के पूर्व प्रधान मंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह के जन्म दिन को किसान दिवस के रूप में मनाया। इस क्रम में अनुसूचित जाति के कृषक के ग्राम गौरिया-चन्दौली, नबावगंज, बाराबंकी, प्रक्षेत्र पर प्रमुख कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्रामीणों व किसानों को मत्स्य पालन के साथ कृषि कार्यों की बेहतरी के लिये एक स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।

इसमें कृषक, जलकृषि कार्यकर्ता, प्रगतिशील मत्स्य कृषक, संस्थान कर्मचरियों सहित 100 से भी अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे। भारत के स्वर्गीय प्रधान मंत्री  चौधरी चरण सिंह को किसान दिवस के अवसर पर याद किया गया और प्रतिभागियों के बीच खेती और किसान कल्याण के संदर्भ में उनके विचार साझा किए गए। अनुसूचित जाति के कृषकों के लाभ के लिए मस्त्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य पालन पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रतिभागियो को संस्थान द्वारा पुरैना तालाब के निकट ग्राम चन्दौली, बाराबंकी में अनुसूचित जाति लाभार्थी के प्रक्षेत्र पर  स्थापित एफआरपी कार्प हैचरी को भी दिखाया गया व उसकी उपयोगिता समझाई गयी। बाजरा सह मत्स्य पालन के महत्व पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर ग्राम गौरिया और चंदौली  ग्रामों के प्रधान ने सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर समारोह की शोभा बढ़ाई तथा अपने-अपने गांव के विकास के लिए अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर तीन कृषकों सर्वश्री सत्यनाम, उस्मान व मोलहे को जमीनी स्तर पर जलकृषि के विकास में उनके योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र दिया गया। कार्यक्रम के दौरान भाकृअनुप-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ के वैज्ञानिकों डॉ शरद कुमार सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, डॉ एल. के. त्यागी, प्रधान वैज्ञानिक, डॉ राघवेन्द्र सिंह, वैज्ञानिक एवं संजय कुमार सिंह, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी ने प्रतिभागियों के साथ बातचीत की और प्रतिभागियो के प्रासंगिक प्रश्नों का उत्तर दिया।

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