बरेली: 10 करोड़ का सदुपयोग नहीं...मल्टीलेवल कार पार्किंग नहीं दिखीं लाभकारी
गांधी उद्यान, मोती पार्क, डीडीपुरम में बनी हैं पार्किंग और कारें सड़कों पर हो रही हैं पार्क, अभी तक संस्था को हैंडओवर नहीं हुई कार पार्किंग
बरेली, अमृत विचार। करीब छह माह पहले बरेली शहर को जाम से निजात दिलाने के साथ सड़कों पर खड़ी होने वाली कारों को मल्टीलेवल कार पार्किंग में खड़ी कराने के लिए बड़ी योजना बनी। इसमें गांधी उद्यान, मोती पार्क और डीडीपुरम में करीब 10 करोड़ की लागत से कार पार्किंग बनाई गईं लेकिन ये कार पार्किंग लोगों के लिए लाभकारी साबित नहीं हो रही हैं। शहर के लोगों को किसी भी तरह से पार्किंग का लाभ नहीं मिल रहा है।
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जबकि 7 दिसंबर को बरेली कॉलेज के मैदान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इनका उद्घाटन भी किया था। तब यह माना गया कि कार पार्किंग चालू हाे जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं दिख रहा है। अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया, हालांकि अधिकारी यह भी दावा कर रहे हैं कि पार्किंग दिन में चालू हैं।
शहर में तीन स्थानों पर पार्किंग तैयार हो गई हैं। कुतुबखाना पुल निर्माण की वजह से मोती पार्क में वाहनों की आवाजाही कम है लेकिन यहां कुछ लोगों की गाड़ियां कभी-कभी खड़ी होते नजर आती हैं। यहां इतने वाहन ही खड़े होते हैं, जितने नीचे आसानी से खड़े हो जाते हैं। इन वाहनों को ऊपर की लाइन में खड़े होने की नौबत नहीं आ पाती है।
इसके साथ गांधी उद्यान के पास की पार्किंग का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। यहां कई कार्यालय और अस्पताल हैं लेकिन यहां पार्किंग होते हुए भी वाहन सड़क के किनारे ही खड़े रहते हैं। इससे सड़क पर चलने का स्थान संकरा हो गया है।
इसी तरह डीडीपुरम की कार पार्किंग तैयार है लेकिन यह अभी चालू नहीं है। अफसरों का कहना है कि एजेंसी को देने के लिए कुछ शर्तों को शामिल किया जा रहा है, इसमें दिन और रात फुल टाइम रहने वाले ऑपरेटर की व्यवस्था की जा रही है।
250 कारें पार्क करने की है व्यवस्था: स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में चार स्थानों पर मल्टीलेवल मैकेनिकल पार्किंग बनाई जानी हैं। करीब 15.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। संजय कम्युनिटी हाल के पास पार्किंग बनाई जा रही है। इन पार्किंग में 250 से अधिक कारें खडी होने की बात कही जा रही है। पार्किंग के निर्माण से शहर की सड़काें पर खड़ी रहने वाली कारों से निजात मिलेगी।
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