Kanpur में बिल्हौर विधानसभा के भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर बोले- सीएचसी में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड लाना प्राथमिकता
कानपुर में अमृत विचार ने बिल्हौर विधानसभा के भाजपा विधायक से बातचीत की।
कानपुर में अमृत विचार ने बिल्हौर विधानसभा के भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर से बातचीत की। इस पर उन्होंने कहा कि सीएचसी में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड लाना प्राथमिकता है। साथ ही कहा कि बालिका विद्यालय, व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान का प्रस्ताव भेजा है।
कानपुर, अमृत विचार। बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी इतिहास में सबसे बड़े अंतर 42,351 वोटों से जीत हासिल करने वाले कानपुर मंडल में भाजपा के सबसे युवा विधायक राहुल बच्चा सोनकर की आयु महज 34 वर्ष है, लेकिन पूरे परिपक्व हैं। स्वभाव से तेज तर्रार राहुल लोगों के काम को लेकर अफसरों को झुकाना भी जानते हैं। राहुल सुर्खियों में रहते हैं।
प्रतिक्रिया तो राजनीतिक व्यक्ति को जिंदा रखती है। बीती सात सितंबर को उनके दफ्तर मंज अजगर जा पहुंचा। विधायक इसे साजिश नहीं प्राकृतिक घटना मानते हैं। 17 अप्रैल को कल्याणपुर के पास उनकी फ्लीट में किसी की बंदूक से निकली गोली से एक व्यक्ति घायल हो गया था।
13 अगस्त को एक दरोगा से बहस में वह बोले मैं कोई डकैत नहीं हूं। मुझ पर 151 तक का मुकदमा नहीं है। दरोगा को लाइऩ हाजिर कर दिया गया। इसी दिन उन्हें जान से मारने की धमकी देने वाला बदमाश हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया।
अरौल के पिहानी में हुए सांप्रदायिक तनाव को राहुल बच्चा ने शांत करा दिया था। क्षेत्र के लोग उनकी बात मानते हैं। रोचक घटना तो 21 अक्तूबर को हुई जब राहुल बच्चा ने इटावा- लखनऊ संपर्क मार्ग से पीडब्ल्यूडी का भ्रष्टाचार खोद निकाला। उंगली से ही सड़क की परत उधेड़ दी। राहलु की कार्यशैली उन्हें औरों से अलग बनाती है। अमृत विचार से उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश इस प्रकार हैं।
ऐसी घटनाएं आपको सुर्खियों में ला देती हैं। अफसरों की कार्यशैली या जनता का व्यवहार समझने में कहीं दिक्कत नहीं है?
- मैं तो प्रतिक्रिया देता हूं। और क्यों न दूं। मेरे निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ा मामला हो और मैं चुप रहूं। यह कैसे संभव हो सकता है। सामान्य व्यवहार करता हूं। जनता के भले के लिए समर्पित हूं। उनके बीच रहता हूं। कुछ सोचकर ही तो बिल्हौर क्षेत्र के लोगों ने इतना प्यार दिया कि इतनी छोटी उम्र में विधानसभा पहुंचा दिया। आपको बता दूं कि सदन में 40 के करीब ऐसे विधायक हैं जो 40 साल से कम आयु के हैं। जैसे महिलाओं का विशेष सत्र बुलाया गया था वैसे युवाओं का भी सत्र होगा (इतना कहकर मुस्करा देते हैं)।
आपके क्षेत्र की गंभीर समस्याएं क्या हैं जिन्हें आप प्राथमिकता के आधार हल करना चाहते हैं ?
- कहा जाए तो चिकित्सा स्वास्थ्य की और उसके बाद शिक्षा की। क्षेत्र में तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैं पर एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन एक में भी नहीं हैं। कोशिश में लगा हूं इनकी उपलब्धता की। हालांकि डॉक्टर नियमित आते हैं। लोग परेशान हैं। यहां की कोई 80 फीसदी आबादी की निर्भरता निजी अस्पतालों पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 100 बेड का अस्पताल देने को कहा था। पर अभी तक शासनादेश भी जारी नहीं हुआ। कोशिश कर रहा हूं जल्द मंजूर हो जाए। डिप्टी सीएम से मिला भी था। आश्वासन है। क्षेत्र की बालिकाओं के लिए इंटर मीडिएट स्कूल, डिग्री कालेज, व्यावसायिक ट्रेनिंग के लिए टेक्निकल एजूकेशन की कोई संस्था नहीं है। इसे जुटाना प्राथमिकता है। ले आऊंगा, विधायक हूं कोई बच्चा नहीं हूं। सभी गांव में जमीन की व्यवस्था की गयी है।
बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में परिवहन की समस्या का समाधान कब होगा ?
- यह भी दिक्कत है। बस स्टैंड के लिए प्रस्ताव दिया है। इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग प्वाइंट स्वीकृत था जिसे चकेरी पहुंचा दिया गया। अब कोशिश में लगा हूं। बिल्हौर, ककवन क्षेत्र औद्योगिक आस्थान पर काम होना है। प्रयासरत हूं। वहां उद्योग लगेंगे तो बेरोजगारी दूर हो जाएगी। कमालपुर सोधा में बड़ी गौशाला (400 गायों की क्षमता) खोला जाना है।
तो इतने भर से आपका बिल्हौर विस क्षेत्र संतृप्त हो जाएगा?
- यह तो कुछ नहीं है। ऊंट के मुंह में जीरा वाली बात है। गैर भाजपा सरकारों और विधायकों ने क्षेत्र की ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसे लांचिग पैड समझते रहे। जीते और चल दिए दूसरे दलों में। बिल्हौर को विपक्षी नेताओं का चारा नहीं बनने दूंगा।
आप ने अब तक क्या-क्या किया?
- बहुत कुछ कर दिया और काफी कुछ करने की कोशिश में जुटा हूं। लोगों की सुविधा के लिए शिवराजपुर के खेरेश्वर घाट के सुंदरीकरण के लिए 35 लाख रुपया स्वीकृत कराया है। अरौल में दो नलकूप, खेलो इंडिया प्रस्ताव के तहत चार प्ले ग्राउंड का प्रस्ताव है, जमीन तलाश की जा रही है। अपनी विधायक निधि से 60 हाईमास्ट लाइट, 19 सड़कों का निर्माण। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से लोगों को चिकित्सीय मदद की।
