अजित पवार का सरकार पर वित्तीय अनुशासनहीनता का आरोप, विशाल अनुपूरक मांग के लिए फडणवीस पर साधा निशाना

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने मंगलवार को राज्य सरकार पर ‘‘वित्तीय अनुशासनहीनता’ का आरोप लगाया। उन्होंने यह आरोप पिछले सप्ताह राज्य सरकार की ओर से 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक मांग पेश करने के बाद लगाया है। पवार ने रेखांकित किया कि एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में एक भी महिला मंत्री नहीं है।

ये भी पढ़ें - विपक्ष भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूरे महाराष्ट्र मंत्रिमंडल को घेरेगा: संजय राउत

उन्होंने कहा, ‘‘आपने वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन किया है।’’ उन्होंने रेखांकित किया कि जब वह पूर्ववर्ती शिवसेना(यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार में वित्तमंत्री थे, तब मार्च 2022 में करीब 5,60,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। उल्लेखनीय है कि एकनाथ शिंदे ने जून में राज्य की सत्ता संभाली थी।

पवार ने वित्त मंत्रालय देख रहे मौजूदा उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए रेखांकित किया कि उन्होंने पूर्व के विधानसभा सत्र में 25 हजार करोड़ रुपये की पहली अनुपूरक मांग रखी थी और पिछले सप्ताह 52 हजार करोड़ की दूसरी अनुपूरक मांग सदन में रखी है। उन्होंने कहा कि अगर तीसरी अनुपूरक मांग रखी जाती है तो यह एक लाख करोड़ रुपये या मार्च में पेश मूल बजट का 20 प्रतिशत हो जाएगी।

राकांपा नेता ने कहा, ‘‘आप (फडणवीस) वित्तीय अनुशासन की बात करते हैं और आपको उसका अनुपालन करना चाहिए। आपने वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन किया है। आपने रिकॉर्ड अनुपूरक मांग पेश की है।’’ फडणवीस ने 19 दिसंबर को 52,327 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग पेश की थी,जिसमें 8,945 करोड़ रुपये शहरी विकास विभाग के लिए निर्धारित किया गया है।

पूर्ववर्ती सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए शिंदे के नेतृत्व में 40 विधायकों के शिवसेना से बगावत का संदर्भ देते हुए पवार ने कहा, ‘‘ 15,856 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं जबकि 36 हजार करोड़ रुपये 40 विधायकों का ख्याल रखने के लिए है।’’ उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष के अंत तक राज्य सरकार का बजट 6.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। पवार ने कहा, ‘‘ नयी अवसंरचना की स्थापना नहीं हो रही है।

यह वित्तीय अनुशासनहीनता है।’’उन्होंने तंज कसा कि सरकार में एक भी महिला सदस्य नहीं है। राकांपा नेता ने कहा, ‘‘ सर्वांगीण फैसले के लिए महिलाओं की साझेदारी अति आवश्यक है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य बाधित है। पवार ने कहा कि एमवीए सरकार ने मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र के विकास में कभी देरी नहीं की।

ये भी पढ़ें - बटला हाउस मामला: अदालत ने दिया शहजाद को सफदरजंग अस्पताल भेजने का निर्देश 

संबंधित समाचार