बरेली: विदेशी मेहमानों से गुलजार होने लगे जिले के वेटलैंड, जनवरी तक देख पाएंगे ये नजारा...

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बरेली, अमृत विचार। जनपद के वेटलैंड विदेशी मेहमानों से गुलजार होने लगे हैं। यहां प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में आते हैं। इसको लेकर वन विभाग की ओर से लगातार वेटलैंड की निगरानी कराई जा रही है। हालांकि अभी कुछ वेटलैंड पर प्रवासी पक्षियों की दस्तक हुई है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार फरीदपुर और भोजीपुरा के वेटलैंड पर प्रवासी पक्षी दिखने लगे हैं। रामगंगा के आसपास एक दर्जन से ज्यादा वेटलैंड हैं। जहां प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा सर्दी भर रहता है। आंवला, रामनगर, फरीदपुर, भोजीपुरा आदि क्षेत्रों में प्रवासी पक्षी हर साल आते हैं।

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रुहेलखंड क्षेत्र में हिमालय, तिब्बत, श्रीनगर, यूरोप, एशिया, आस्ट्रेलिया, मलेशिया, साइबेरिया, चीन, लद्दाख, तिब्बत आदि जगह से खूबसूरत रंग- बिरंगे पक्षी आते हैं। इनमें 100 से अधिक प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां शामिल हैं। जिनमें ब्लैक आइज, येलो लांग टेल, स्पाट विल्ड डक, ब्लैक डक, रेड क्रस्टेड पोचर्ड, ग्रे लेग गूस, ब्राउन काक, बार हेडेड गूस, टस्टेड डक, कामन टेल, पिन टेल, ब्राम्हमनी डक, कूट, पिकाक हेन, रेड लेग आदि प्रजातियां हैं।

बीते वर्षों में वन विभाग ने जिन वेटलैंड पर प्रवासी पक्षियों को देखा था। वहां निगरानी के लिए टीमें लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आसपास के इलाके में पक्षियों की देखरेख के लिए पक्षी मित्र भी बनाए गए हैं। मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने बताया कि फरीदपुर और भोजीपुरा के वेटलैंड पर प्रवासी पक्षियों के देखे जाने की सूचना है।

जनवरी के दूसरे सप्ताह तक विदेशी पक्षियों के आने का सिलसिला चलता रहेगा। इसके बाद यह विदेशी मेहमान मार्च तक वापसी करेंगे। उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल इतनी संख्या में प्रवासी पक्षी नहीं आए हैं। लेकिन जनवरी शुरू होते ही इनकी संख्या में इजाफा हो सकता है।

मौसम के परिवर्तन ने बदला प्रवासियों के आने का समय
पूर्व के दिनों में दशहरा और दिवाली के बाद से ही प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता था, लेकिन अब बरेली में प्रवासी पक्षियों के आने के समय में बदलाव हुआ है। बीते कुछ वर्षों में दिसंबर के अंत व जनवरी तक यह विदेशी मेहमानों की वेटलैंडों पर दस्तक हुई है।

जानकारों का मानना है कि मौसम के बदलाव के कारण भी प्रवासी पक्षियों के आने की तारीखों में बदलाव हुआ है। दूसरी तरफ वेटलैंट सूखने के कारण भी बड़ी संख्या में विदेशी मेहमान जनपद में दाखिल होने से पहले ही आसपास के वेटलैंड पर डेरा डाल लेते हैं। आसपास के जनपदों में वेटलैंड पर अक्टूबर में ही प्रवासी पक्षी आने लगे थे।

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