मुरादाबाद : डाक विभाग के ऐतिहासिक खजाने का नगीना बनी यूपी की पुलिस अकादमी
रजत जयंती समारोह के मौके पर विशेष डाक टिकट, पोस्ट कार्ड, लिफाफा व मुहर जारी , पुलिस अकादमी की विरासत व ऐतिहासिक महत्व का गौरवगान करेगा डाक विभाग
मुरादाबाद,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पुलिस की गुरुकुल कही जाने वाली डॉ भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी गुरुवार को भारतीय डाक विभाग के अनमोल खजाने का नायाब नगीना बन गई। भारतीय डाक विभाग व यूपी पुलिस ने गुरुवार को संयुक्त रूप से वह डाक टिकट, लिफाफा व मुहर जारी किया, जिस पर यूपी पुलिस के गुरुकुल की ऐतिहासिक धरोहर सचित्र चस्पा हैं। यूपी पुलिस के लिहाज से ऐतिहासिक इस क्षण के गवाह डीजी ट्रेनिंग राजेंद्र पाल सिंह व पोस्ट मास्टर जनरल बरेली संजय सिंह समेत पुलिस के अन्य कई अधिकारी व कर्मचारी बने।
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी ने अपनी स्थापना की 25 वीं वर्षगांठ धूमधाम के साथ मनाई। प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित रजत जयंती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते डीजी प्रशिक्षण राजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि 29 दिसंबर का दिन यूपी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण और बेहद खास है। पुलिस के इतिहास में यह पहला मौका है, जब डाक विभाग अपने अनमोल खजाने में पुलिस अकादमी की विरासत को शामिल करने जा रहा है। पुलिस अकादमी के ऐतिहासिक भवन व अनमोल धरोहरें अब भारतीय डाक विभाग का अभिलेखीय हिस्सा बनने जा रही हैं।
डाक विभाग के प्रयासों से आम लोगों को पुलिस अकादमी के बारे में जानने व समझने का मौका मिलने जा रहा है। ऐसा यादगार और अनूठा अवसर मुहैया कराने पर उन्होंने भारतीय डाक विभाग के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। इसके पूर्व पोस्ट मास्टर जनरल बरेली संजय सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण संस्थान के रूप में पुलिस अकादमी अपना 121 वां स्थापना वर्ष मना रही है। जबकि पुलिस अकादमी का नामकरण 25 वर्ष पहले हुआ। कोई भी संस्था चाहे व कितनी भी पुरानी हो वह अपनी प्रासंगिकता कभी नहीं खोती। भारतीय डाक विभाग आज के दौर में भी अपने मजबूत नेटवर्क व आर्थिक गतिविधियों की वजह से अपना वजूद बरकरार रखे हुए है। डाक विभाग विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से जनसेवा में जुटा हुआ है।
डाक विभाग डाक टिकटों व विभिन्न विशेष आवरण के माध्यम से देश प्रदेश से जुड़े विभिन्न आयामों को दुनिया भर में प्रसारित कर रहा है। यूपी में एक जिला एक उत्पाद, जीआई उत्पाद, आजादी का अमृत महोत्सव, हर घर तिरंगा, राम वन गमन पथ और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायक व नायिकाओं व अन्य विषयों पर जारी विभिन्न विशेष आवरणों के माध्यम से युवा पीढ़ी को भी उनकी विरासत से जोड़ने की कोशिश करता रहा है। डाक विभाग का यह प्रयास एक रिकार्ड का रूप लेता है। यह रिकार्ड युवा पीढ़ी को सदा प्रेरित करती है। इसके पूर्व पुलिस अकादमी के निदेशक/एडीजी जय नारायण सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा व इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। एडीजी ने बताया कि पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले पुलिस अधिकारियों को पूरी तन्मयता व मनोयोग से प्रशिक्षित करने का काम यूपी पुलिस का गुरुकुल निरंतर करता चला आ रहा है। आर्य प्रेक्षागृह के खचाखच भरे सभागार को संबोधित करते हुए उन्होंने आगंतुकों के प्रति आभार जताया।
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