देहरादून: केंद्र ने दी मोटे अनाज की 0.096 लाख मीट्रिक टन खरीद की अनुमति

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Published By Babita Patwal
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देहरादून, अमृत विचार। भारत सरकार ने उत्तराखंड को मोटे अनाज (मंडुवा) की सरकारी खरीद की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि, केंद्र सरकार द्वारा मंडुवा के 0.096 लाख मीट्रिक टन की खरीद की अनुमति मिलने से राज्य में मिलेट (मोटा अनाज) उत्पादन करने वाले किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।

मंडुवा पौष्टिकता से भरपूर होता है। किसानों से खरीद कर मिड-डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से बच्चों और लोगों को उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे राज्य के किसानों की आय में बढ़ोतरी तो होगी ही, साथ ही स्कूलो के बच्चों और ज़रूरतमंदों को पौष्टिक आहार भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, खरीद भलीभांति हो, इसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग, मंडी परिषद, सहकारी समितियों, महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को आपसी समन्वय से काम करना होगा। इसमें जिलाधिकारियों की विशेष भूमिका रहेगी।

मंडुवा खरीद की यह अनुमति फसल वर्ष 2022-23 के लिए दी गई है। मंडुवा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3574 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में पायलेट योजना के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा एवं पौड़ी के कृषकों से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मंडुवा खरीद योजना लागू की जायेगी। क्रय किये गये मंडुवा को प्रथम चरण में राज्य के मैदानी जनपद ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार एवं देहरादून तथा नैनीताल जनपद के मैदानी क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित किया जायेगा।

8 लाख लोग लाभान्वित होंगे
इस योजना से उक्त जनपदों के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लगभग 8 लाख परिवार लाभान्वित होगें जिनको प्रतिमाह/प्रतिकार्ड 01 किग्रा मंडुवा निःशुल्क वितरित किया जायेगा। राज्य के पर्वतीय जनपदों में मंडुवा का क्रय सहकारिता विभाग द्वारा जनपद अल्मोड़ा में संचालित 20 क्रय केन्द्रों एवं जनपद पौड़ी में 11 क्रय केन्द्रों पर क्रय कर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा इसका वितरण पात्र लाभार्थियों को सुनिश्चित किया जायेगा । प्रथम चरण में 9600 मी. टन मंडुवा क्रय किये जाने की कार्ययोजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन में सरकार पर लगभग 45.00 करोड़ व्ययभार आयेगा।

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