Uttrakhand: क्षुद्रग्रह के टकराने की आशंका को नासा ने सिरे से नकारा...13200 मील दूर से गुजर जाएगा

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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नैनीताल, अमृत विचार। क्षुद्रग्रह 2024 वाईआर 4 के पृथ्वी या चंद्रमा से टकराने की संभावना नासा ने सिरे से नकार दी है। 61 मीटर व्यास का यह क्षुद्रग्रह 13200 मील दूर से गुजर जाएगा। नासा की जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से ऑब्जर्वेशन के बाद यह जानकारी सामने आई है।

क्षुद्रग्रह 2024 वाई आर 4 की खोज दो साल पहले हुई थी। 61 मीटर व्यास के विशाल क्षुद्रग्रह की चाल और दिशा के शुरुआती अध्ययन से पता चला कि यह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच से होकर गुजरने वाला है, जो पृथ्वी या चंद्रमा से टकरा सकता है। गणना में सामने आया कि साल 2032 में यह हम तक पहुंच जाएगा। इसके टकराने के अंदेशे से नासा समेत अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों ने इसकी दूरबीनों से निगरानी शुरू कर दी। कई ऑब्जर्वेशन के बाद इसके चंद्रमा पर टकराने की संभावना बनी हुई थी।

दरअसल, चंद्रमा हमारा सबसे करीबी उपग्रह होने के कारण क्षुद्रग्रह उससे टकराता तो निश्चित ही धरती भी उसके प्रभाव से अछूती नहीं रहती क्योंकि जितना बड़ा यह क्षुद्रग्रह है, उसकी टक्कर मामूली नहीं होती। इस खतरे को लेकर नासा ने दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष दूरबीन जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप को लगाया और इसकी गति और दिशा की पुनः गणना की गई। नतीजा निकला कि यह चंद्रमा के 13200 मील की दूरी से सुरक्षित गुजर जाएगा। यह खबर राहत देने वाली है जिसकी नासा ने आधिकारिक तौर पर सुरक्षित गुजर जाने की घोषणा कर दी।

तो बहुत नुकसान पहुंचा देता
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे के अनुसार, इस क्षुद्रग्रह का चन्द्रमा से टकराना भी बड़ा जोखिम हो सकता था क्योंकि वर्तमान में मंगल ग्रह को लेकर चलाए जा रहे मिशन का एक बड़ा आधार चन्द्रमा है। नासा द्वारा इसके नहीं टकराने की खबर वास्तव में राहत देने वाली है।

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