अयोध्या से जुड़ने वाले स्टेशनों में बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं, भोपाल की तर्ज पर पर बनेगा एयर कॉनकोर्स
अमृत विचार, अयोध्या। रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने गुरुवार को अयोध्या रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या से बाराबंकी के बीच स्पीड ट्रायल व संरक्षा के साथ दोहरीकरण का भी अवलोकन कर निर्देश दिया। इस मौके पर उत्तर रेलवे के डीआरएम सुरेश कुमार सपरा ने बताया कि भारत सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना में नये स्टेशनों को विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया।
इसी क्रम में इस मंडल में दर्शननगर रेलवे स्टेशन के सौन्दर्यीकरण का प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। दूरी के लिहाज से दर्शन नगर अयोध्या स्टेशन का हिस्सा है। डीआरएम सपरा ने जानकारी साझा की कि अयोध्या की दिशा से जुड़ने वाले सभी स्टेशनों में यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के अन्तर्गत कटरा स्टेशन से दर्शननगर स्टेशन का सर्वे कराया जा रहा है।
अयोध्या रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन काम को लेकर बताया गया कि दूसरे चरण के प्रस्तावित कामों का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेज दिया गया है, जबकि पहले चरण में एयर कॉनकोर्स का काम अतिरिक्त रूप से जोड़ दिया गया है। यह एयर कानकोर्स भोपाल के रानी कमला पति स्टेशन की तर्ज पर बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में यहां 129 करोड़ का काम अंतिम चरण में है। जबकि अब 111 करोड़ के अतिरिक्त काम की स्वीकृति भी मिल चुकी है। इस तरह पहले चरण का कुल बजट 240 करोड़ हो गया है। उन्होंने बताया कि अयोध्या कैंट स्टेशन का भी कार्य प्रगति पर है और इस काम को भी दिसम्बर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य तय है।
उधर निरीक्षण से पहले विशेष सैलून से सीसीआरएस पाठक अयोध्या स्टेशन पर पूर्वाह्न करीब सवा दस बजे पहुंचे। इसके बाद सीधे रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला का दर्शन करने चले गये। उनके साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा अमला मौजूद रहा। निरीक्षण में सीनियर डीओएम कृष्णकांत अरोरा, एडीआरएम जयंत चौधरी, मंडलीय संरक्षा अधिकारी मनीष शर्मा, डीएन फाइव पीयूष मिश्र व राइट्स के डिप्टी डायरेक्टर अनिल जौहरी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
दूसरे चरण के काम की स्वीकृति के बाद होगा भूमि अधिग्रहण
एडीआरएम जयंत चौधरी ने बताया कि अयोध्या रेलवे स्टेशन के पहले चरण का काम अभी निर्माणाधीन है। वहीं दूसरे चरण में भी दक्षिण दिशा में इंट्री गेट व छह प्लेटफार्म बढ़ाने की योजना का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद भूमि अधिग्रहण की बात होगी। फिलहाल 74 हजार वर्ग फिट नजूल भूमि का अंतरण प्रदेश सरकार ने रेलवे को कर दिया है।
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