Year Ender 2022: तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे ...साल 2022 में लता मंगेशकर, समेत इन दिग्गज कलाकारों ने दुनिया को कहा अलविदा
लखनऊ। साल 2022 बॉलीवुड के लिए जितना अच्छा रहा है, उतना ही गमगीन भी रहा है। इस साल जहां बॉलीवुड के कई सितारे पेरेंट्स बने है, वहीं कई ऐसे सितारे भी हैं, जिन्हें बॉलीवुड ने खोया भी है। इस साल भारतीय संगीत की लेजेंड लता मंगेशकर और पंडित बिरजू महाराज जैसे कलाकारों ने दुनिया को और कला जगत को अलविदा कह दिया।
लता मंगेशकर: भारतीय संगीत साम्राज्ञी व स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने इस वर्ष दुनिया को अलविदा कह दिया। 93 वर्षीय लता दीदी ने मुंबई के ब्रिच कैंडी अस्पताल में छह फरवरी, 2022 को अंतिम सांस ली थी। भारत रत्न व दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित लता जी का जन्म 28 सितंबर,1929 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। इनके पिता हृदयनाथ मंगेशकर शास्त्रीय गायक थे। जबकि माता शेवंती मंगेशकर गृहिणी थीं। लता ने पांच वर्ष की आयु में ही गायन शुरू कर दिया था। लता ने अपना पहला गाना एक मराठी फिल्म कीर्ती हसाल के लिए वर्ष 1942 में गाया था। उन्होंने ने 20 से अधिक भाषाओं में करीब 30 हजार से अधिक गाने गाए हैं। वर्ष 1948 में लता ने एक फिल्म “मजबूर” में गाना गाया था। 1949 में “महल” फिल्म में लता द्वारा गया गया गाना “आयेगा आने वाला“ सुपर हिट हुआ था।
पंडित बिरजू महराज:
पंडित बिरजू महाराज का असल नाम बृजमोहन मिश्र था। वे शास्त्रीय कथक नृत्य के लखनऊ कालिका-बिन्दादिन घराने के अग्रणी नर्तक थे। इनका जन्म 4 फ़रवरी 1938 को लखनऊ में हुआ था। पिता व गुरु जगन्नाथ उर्फ अच्छन महाराज भी नृत्य-संगीत की कला में निपुण थे। पद्म विभूषण से सम्मानित बिरजू महाराज ने कत्थक नृत्य में नये आयाम नृत्य-नाटिकाओं को जोड़कर उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कथक हेतु '''कलाश्रम''' की स्थापना भी की। इनकी मृत्यु 17 जनवरी 2022 को हुई ।

बप्पी लहरी:
आलोकेश उर्फ बप्पी लाहिरी का जन्म 27 नवंबर 1952 को सिराजगंज, बांग्लादेश (अब जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल) में हुआ बप्पी लहरी एक बहुत ही लोकप्रिय भारतीय गायक, संगीतकार, राजनीतिज्ञ और रिकॉर्ड निर्माता थे। जिनका 16 फरवरी 2022 को मुंबई में निधन हो गया है।उन्होंने भारतीय सिनेमा में संश्लेषित डिस्को संगीत के उपयोग को लोकप्रिय बनाया और अपनी कुछ रचनाएँ भी गाईं।उन्होंने एक साल में 33 फिल्में करने का गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
पंडित शिवकुमार शर्मा:
शिवकुमार शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1938 को जम्मू में हुआ था। शिवकुमार शर्मा की माता श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय गायिका थीं, जो बनारस घराने की थीं। पद्म विभूषण से सम्मानित शिवकुमार शर्मा ने चार साल की उम्र में अपने पिता से गाना और तबला बजाना सीखना शुरू कर दिया था। 13 साल की उम्र में संतूर सीखना शुरू किया। उन्होंने ‘सिलसिला’ (1981), ‘फसल’ (1985), ‘चांदनी’ (1989), ‘लम्हे’ (1991) और ‘दरार’ (1993) जैसी कई फिल्मों में अभिनय भी किया ‘शिव-हरि’ संगीत जोड़ी के रूप में जाना जाने लगा।शिवकुमार शर्मा ने मंगलवार 10 मई 2022 तड़के मुंबई में अपने पाली हिल स्थित आवास पर हृदय गति रुकने से दम तोड़ दिया।

राजू श्रीवास्तव:
राजू श्रीवास्तव का जन्म 25 दिसंबर 1963 को कानपुर में हुआ था। वे भारत के प्रसिद्ध हास्य कलाकार थे। वह मुख्यत:आमआदमी और रोज़मर्रा की छोटी छोटी घटनाओं पर व्यंग्य सुनाने के लिए जाने जाते थे। उनको असली सफलता ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज से मिली। इस शो में अपने कमाल के प्रदर्शन की बदौलत वह घर-घर में सबकी जुबान पर आ गए। उनकी मृत्यु 21 सितम्बर 2022 को हो गयी।

केके:
कृष्णकुमार कुन्नथ यानी केके का जन्म 23 अगस्त 1968 को दिल्ली में हुआ था। एक सफल भारतीय पार्श्व गायक रहे। वह हिंदी, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और तमिल फिल्मों में प्रमुख गायक रहे। केके भारतीय संगीत इतिहास में अपनी सुंदर एवं मीठी आवाज के लिए हमेशा याद किए जाते रहेंगे। उन्होंने अपने पूरे करियर में करीब 700 से अधिक गाने गाए जिनमें से लगभग सारे गाने ही अपने समय में हिट साबित हुए।"हम दिल दे चुके सनम" के 'तड़प तड़प के' में उनका गाया गाना काफी प्रसिद्ध हुआ। उनकी मृत्यु 31 मई 2022 को कोलकाता में हुई।
मुलायम सिंह यादव:
मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवम्बर 1939 को इटावा जिले के सैफई गाँव में मूर्ति देवी व सुघर सिंह यादव के किसान परिवार में हुआ था। वे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भारत के रक्षामंत्री भी थे। वे मूलतः एक शिक्षक थे किन्तु शिक्षण कार्य छोड़कर वे राजनीति में आये थे तथा समाजवादी पार्टी बनायी थी।राजनीति में आने से पूर्व मुलायम सिंह यादव आगरा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बीटी करने के उपरान्त इन्टर कालेज में प्रवक्ता नियुक्त हुए और सक्रिय राजनीति में रहते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। मुलायम सिंह का लंबी बीमारी के बाद 10 अक्टूबर 2022 को मेदांता अस्पताल गुरुग्राम में निधन हो गया।
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शिंजो आबे:
शिंज़ो आबे एक जापानी राजनेता थे, जिन्होंने 2006 से 2007 तक और फिर 2012 से 2020 तक जापान के प्रधानमंत्री और उदार लोकतांत्रिक दल (एलडीपी) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले प्रधानमंत्री थे। 8 जुलाई 2022 को नारा शहर में अपने पार्टी एलडीपी के उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार कर रहे शिजों आबे की उनके ही देश के एक पूर्व सैनिक ने गोली मारकर हत्या कर दी।
शेन वार्न:
ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर शेन वार्न इस खेल के इतिहास में सबसे महान गेंदबाजों में से एक माना जाता है। 1992 में शेन वॉर्न ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद वह दूसरे गेंदबाज बने थे जिन्होंने 1000 अंतरराष्ट्रीय विकेट (टेस्ट और वनडे मैचों में) लिये।वॉर्न के 708 विकेट टेस्ट क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज द्वारा लिये गए सर्वाधिक विकेट थे, जब तक कि मुरलीधरन ने इससे ज्यादा विकेट नहीं ले लिये थे।'शेन वॉर्न' का 52 साल की उम्र में 4 मार्च 2022 को निधन हो गया।

मिखाइल गोर्बाचेव:
मिखाइल सर्गेयेविच गोर्बाचेव एक रूसी और सोवियत राजनेता थे। जिन्होंने सोवियत संघ के अंतिम नेता के रूप में कार्य किया। घरेलू स्तर पर, ग्लासनोस्त ("खुलेपन") की उनकी नीति ने भाषण और प्रेस की बढ़ी हुई स्वतंत्रता की अनुमति दी। जबकि उनके पेरेस्त्रोइका ("पुनर्गठन") ने अपनी दक्षता में सुधार के लिए आर्थिक निर्णय लेने को विकेंद्रीकृत करने की मांग की।जबकि उनके पेरेस्त्रोइका ("पुनर्गठन") ने अपनी दक्षता में सुधार के लिए आर्थिक निर्णय लेने को विकेंद्रीकृत करने की मांग की।जबकि उनके पेरेस्त्रोइका ("पुनर्गठन") ने अपनी दक्षता में सुधार के लिए आर्थिक निर्णय लेने को विकेंद्रीकृत करने की मांग की।गोर्बाचेव का 30 अगस्त, 2022 को मॉस्को में निधन हो गया।
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