हल्द्वानी: राष्ट्रपति से रक्षा की गुहार, राज्य सरकार पर प्रहार
हल्द्वानी, अमृत विचार। रेलवे प्रकरण में सोमवार को जमीअत उलेमा ए उत्तराखंड का एक शिष्टमंडल प्रभावितों से संवाद करने और मौका मुआयना करने पहुंचा। इसके बाद उन्होंने मानवता के आधार पर बनभूलपुरा के लोगों को न उजाड़ने के लिए एक ज्ञापन एसडीएम के जरिये राष्ट्रपति को भेजा। उलेमाओं ने सरकार पर हाईकोर्ट को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
एसडीएम को दिए ज्ञापन में उलेमाओं ने कहा, जिन बस्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है, वह ब्रिटिश शासन से पूर्व की हैं। यानी हल्द्वानी नगर की शुरुआत ही इन बस्तियों से हुई है। आरोप लगाया कि उत्तराखंड शासन ने हाईकोर्ट को गुमराह किया है और रेलवे ने मनमाना सीमांकन कर दिया। अतिक्रमण हटाने के लिए सरकार करोड़ों का बजट खर्च करने को तैयार है, लेकिन बसाने के लिए कोई निर्णय दिखाई नहीं दिया।
रेलवे का मानसिक उत्पीड़न सहने के बावजूद लोग शांत है और भारतीय संविधान में आस लगाए हैं। ज्ञापन देने वालों में जमीअत उलेमा-ए-उत्तराखंड के प्रदेश सचिव अब्दुल कादिर, सदर मौलाना मो. आरिफ कासमी, मास्टर एहसान, नायब सदर मौलाना जलीस अहमद कासमी, सदर मौलाना मो. मुस्तफा, कारी मो. शमीम, मौलाना हारून कासमी, मौलाना अरशद कासमी, मौलाना नसीम अहमद आदि थे।
