नैनीताल: न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे हुए सेवानिवृत्त, फुलकोर्ट रेफरेंस के बाद दी गई भावभीनी विदाई
नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे सोमवार को सेवानिवृत्त हो गए। फुल कोर्ट रेफरेंस के बाद न्यायमूर्ति खुल्बे को भावभीनी विदाई दी गई।
उच्च न्यायालय में सोमवार शाम मुख्य न्यायाधीश की अदालत में फुल कोर्ट रेफरेंस का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी, वरिष्ठ न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा, न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा के अलावा रजिस्ट्रार जनरल विवेक भारती शर्मा और न्यायालय के अधिकारी मौजूद रहे। महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे के बारे में बताते हुए कहा कि न्यायमूर्ति खुल्बे ने वर्ष 1986 में यूपी ज्यूडिशियल सर्विस से शुरूआत की।
मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी ने कहा कि न्यायमूर्ति खुल्बे वर्ष 2018 में उच्च न्यायालय के जज बने। उन्होंने हजारों केस निस्तारित किये, जिनमे उनके कई लैंडमार्क निर्णय भी शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश ने उनके व्यवहार की तारीफ करते हुए कहा कि वे बहुत सज्जन हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति खुल्बे से कहा कि वे अलग-अलग माध्यमों से समाज की सेवा करते रहें। न्यायाधीश खुल्बे ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर जोशी ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपको हमेशा याद रखा जाएगा। न्यायमूर्ति खुल्बे के सेवानिवृत्त होने के बाद उच्च न्यायालय में और एक पद रिक्त हो गया है, इससे न्याय प्रक्रिया और प्रभावित होगी इसलिए सरकार जल्द नई नियुक्तियां करे। इस अवसर पर असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल राकेश थपलियाल, जीए गजेंद्र सिंह संधू, मुख्य स्थायी अधिवक्ता सीएस रावत, वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह पाल, अवतार सिंह रावत, राजेन्द्र डोभाल, पुष्पा जोशी, एमसी पांडे, एमएस त्यागी, तनवीर आलम खान सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
