पंजाब में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या सौ के पार
चंडीगढ़। पंजाब के सीमावर्ती तरनतारन जिले में अट्ठारह और लोगों की मौत होने के साथ जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या सौ से अधिक हो गयी है। गुरुवार से यह सिलसिला शुरू होकर अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा। कई लोगों की आंखों की रोशनी धुंधली पड़ गयी है। पंजाब पुुलिस अब …
चंडीगढ़। पंजाब के सीमावर्ती तरनतारन जिले में अट्ठारह और लोगों की मौत होने के साथ जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या सौ से अधिक हो गयी है। गुरुवार से यह सिलसिला शुरू होकर अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा। कई लोगों की आंखों की रोशनी धुंधली पड़ गयी है। पंजाब पुुलिस अब मौत के सौदागरों की तलाश में छापे मार रही है लेकिन अब तक मुख्यारोपियों तक नहीं पहुंच सकी। हालांकि कुछ गिरफ्तारियां हुई हैं लेकिन संतोषजनक नतीजे तक पहुंचने की फिलहाल उम्मीद नहीं है। मरने वाले सभी गरीब तबके के लोग थे।
इस मामले में गठित जांच टीम के सदस्य गौरव तूरा ने बताया कि जहरीली शराब की तस्करी में संलिप्त कुछ अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। राज्य की सुरक्षा एवं महिला बाल विकास मंत्री अरूणा चौधरी ने कहा कि प्रदेश पुलिस जहरीली शराबकांड मामले को हल करने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री सात आबकारी अधिकारियों तथा छह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के आदेश पहले ही दे चुके हैं। मुख्यमंत्री पुलिस को आदेश दे चुके हैं कि राज्य में जहां कहीं जहरीली शराब बनती है उसके खिलाफ सख्ती से निपटा जाये। अब तक सौ से अधिक जगहों पर छापे मारे जा चुके हैं।
मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति जताते हुये अरूणा चौधरी ने कहा कि सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रूपये के मुआवजे का ऐलान किया है । शराब बनाने से लेकर तस्करी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है । सरकार ने मजिस्ट्रेटी जांच के लिये कमीशन बनाकर एक माह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। घटना के लिये जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा।
अकाली दल ने जहरीली शराब धंधे को संरक्षण देने वाले कांग्रेस विधायकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई तथा तरनतारन के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ध्रुव दहिया के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। डिस्टिलरी मालिकों पर भी मामला दर्ज हो। पार्टी ने इसके लिये मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार बताते हुये आबकारी और गृह मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिये।
