कानपुर: नकली दवा बनाने में गैंग लीडर समेत आठ पर लगा गैंगस्टर
वर्ष 2022 में चार जनवरी को रतनलाल नगर में की गई थी छापेमारी
अमृत विचार, कानपुर। गोविंदनगर थानाक्षेत्र अंतर्गत आयुर्वेदिक दवा की फर्म के नाम व मार्का इस्तेमाल करके नकली दवा फैक्ट्री संचालित करने के मामले में पुलिस ने दंपति, मैनेजर समेत आठ आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की है। पुलिस ने उत्तरप्रदेश गिरोह बंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
गोविंद नगर इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि सैनिक फार्म के रहने वाले दिविन्द्र सिंह सेठी की नई दिल्ली में गोपाल हर्बल के नाम से फर्म है, जहां आयुर्वेदिक दवाएं बनती हैं। उन्हें रतनलाल नगर में उनके फर्म और मार्का लगी नकली दवाएं बनाए की जानकारी मिली थी। जिस पर उन्होंने कोर्ट के माध्यम से गुहार लगाई थी। बताया कि कोर्ट के आदेश पर उनकी पुलिस टीम ने फोर्स के साथ रतनलाल नगर स्थित फैक्ट्री में चार जनवरी 2022 को छापेमारी की थी। जिस पर वहां अफरातफरी मच गई थी। कुछ लोग भाग निकले थे, और तीन लोग हत्थे चढ़ गए थे। फैक्ट्री से काफी मात्रा में नकली दवा बनाने का सामान बरामद हुआ था।
इस मामले में दिविन्द्र ने फैक्ट्री संचालक कादम्बिरी अपार्टमेंट जूही निवासी प्रियांशु कुमार चौहान,(गैंग लीडर) उसकी पत्नी सीमा सिंह और यू ब्लॉक निराला नगर मैनेजर गौरव मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी, जानबूझकर नकली संपत्ति के निशान के साथ चिह्नित माल बेचना, कूटरचित दस्तावेज बनाना, कॉपीराइट आदि धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में अन्य आरोपी फरीदाबाद फील्ड कालोनी निवासी सप्लायर ध्रुव अरोड़ा, गोरखपुर में कृष्णानगर के बसारतपुर जटेपुरा निवासी राजवीर, उसके पिता प्रेमशंकर चौहान, बाबा हरिशंकर चौहान को अलग-अलग गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि नकदी दवा बनाने और सप्लाई करने वाले सभी आठ आरोपियों पर अब गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।
बोले जिम्मेदार
थाना गोविंदनगर में एक गैंगस्टर एक्ट का अभियोग पंजीकृत हुआ है। इस एक्ट में प्रियांशु चौहान समेत आठ अभियुक्त हैं। यह लोग संगठित गिरोह बनाकर एक हर्बल कंपनी का फर्जी प्रमाण पत्र का दुरुपयोग कर नकली दवाएं बनाते थे, व देश के विभिन्न जनपदों में बेचते थे। वर्तमान समय में इस मामले में चार अभियुक्त जेल में हैं, तथा चार जमानत पर बाहर हैं।
संतोष कुमार सिंह, एसीपी बाबूपुरवा
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