बरेली: नाथनगरी कॉरिडोर में बनेगा टूरिज्म सर्किट, इलेक्ट्रिक बसों से होगी परिक्रमा
बरेली, अमृत विचार। आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत से युवा पीढ़ी से रूबरू कराने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नाथ नगरी कॉरिडोर बनाया जा रहा है। बुधवार को मंडलायुक्त संयुक्ता समद्दार व वीसी बीडीए जोगिंदर सिंह ने अधिकारियों के साथ शहर के सातों नाथ मंदिरों का निरीक्षण करने के साथ पूजा-अर्चना कर संभावनाएं तलाशीं। नाथ मंदिरों को जोड़ते हुए 36 किलोमीटर लंबा टूरिज्म सर्किट बनाने की तैयारी है।
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टूरिज्म सर्किट में मंदिरों की परिक्रमा के लिए मिनी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। जिनके जरिए श्रद्धालु सातों नाथ मंदिरों की परिक्रमा कर सकेंगे। मंदिर को आने जाने वाले रास्ते पर सड़कें बनेंगी। आसपास पिंक टॉयलेट्स और पार्किंग भी बनेगी। महाभारत कालीन बरेली के नाथ मंदिरों के इतिहास, उनकी आध्यात्मिक सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हुए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार के अवसर भी तेजी से विकसित होंगे। मंडलायुक्त के साथ क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बृजपाल सिंह, बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने भी सभी मंदिरों की परिक्रमा की। प्रसाद योजना के तहत मंदिरों के आसपास सौंदर्यीकरण कर उन्हें विकसित किया जाएगा। रास्तों पर बस स्टॉपेज बनाए जाएंगे। जहां से लोग बसों में चढ़-उतर सकें। मंडलायुक्त ने बताया कि प्रसाद योजना के तहत मंदिरों और उसके आसपास जलभराव दूर करने के लिए सड़क, पाथवे, पार्किंग बनेगी। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिरों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
नाथ नगरी के मुख्य सात प्राचीन शिव मंदिर हैं। अलखनाथ मंदिर किला उत्तर दिशा में है। मढ़ीनाथ दक्षिण, धोपेश्वर नाथ मंदिर कैंट पूरब व बनखंडी नाथ पश्चिम में है। प्रेमनगर में त्रिवटी नाथ मंदिर शहर के मध्य, तपेश्वर नाथ मंदिर सुभाषनगर, गोपाला सिद्ध मंदिर क्यारा ब्लॉक में है। पीलीभीत बाईपास पर पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की तर्ज पर विकसित किया गया है। अलखनाथ मंदिर का इतिहास 930 साल से ज्यादा पुराना बताया जाता है। वनखंडी नाथ मंदिर का निर्माण द्वापर युग में माना जाता है।
धोपेश्वरनाथ मंदिर त्रेतायुग और मढ़ीनाथ मंदिर की स्थापना महाभारत कालीन करीब 5000 वर्ष से पुरानी मानी जाती है। सभी नाथ सर्किट के मंदिरों को जोड़ते हुए यहां मोटर वाहन, सड़क कनेक्टिविटी, साइकिल, पाथ-वे एवं हेरिटेज वॉक प्रस्तावित किए गए हैं। साइन बोर्ड, सिग्नेचर गेट, लाइट एंड साउंड के शो भी प्रस्तावित है। संबंधित विभागों एवं प्रमुख अधिकारियों की बैठक आयोजित कर नाथ नगरी कारीडोर योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
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