बिजली विभाग: जांच पूरी हो जाए, इतना करंट ही नहीं

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली अमृत विचार। किसी गंभीर मामले की जांच करनी हो तो पावर कॉरपोरेशन के अफसरों का करंट ही गायब हो जाता है। विभाग में कई गंभीर मामलों की जांच शुरू तो हुई लेकिन महीनों बाद भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई। जांच कर रहे अफसरों के पास इसके अलावा कोई जवाब भी नहीं है कि जांच प्रगति पर है। उच्चाधिकारी भी उनसे इस बेपरवाही पर कोई जवाब मांगने को तैयार नहीं हैं।

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पिछले साल चौकी चौराहे के पास बिजली के खंभे पर काम करते समय संविदा कर्मचारी कैलाश की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई थी। इस मामले में अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल के साथ अधिशासी अभियंता प्रथम आरके पांडेय, एसडीओ प्रथम विजय कुमार कनौजिया, एसडीओ सेकेंड संजीव कुमार गुप्ता और अवर अभियंता कुतुबखाना विधेश सिंह के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मुख्य अभियंता राजीव कुमार शर्मा ने अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अशोक कुमार चौरसिया और अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार को जांच सौंपी थी जो अब तक शुरू ही नहीं हो सकी है।

दूसरा मामला संविदा कर्मियों के बीच मारपीट का था। संविदा कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष रिंकू श्रीवास्तव, विशाल कौशल, प्रकाश और विशाल श्रीवास्तव का डेलापीर सबस्टेशन पर 19 जून को विवाद हो गया था। इस मामले में अवर अभियंता जितेंद्र केसरवानी ने संविदा कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विभागीय जांच के लिए अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल ने 21 दिसंबर कोएक्सईएन सत्येंद्र सिंह चौहान और गौरव शुक्ला की कमेटी बनाई जिसे दो सप्ताह में रिपोर्ट देनी थी लेकिन यह जांच भी पूरी नहीं हुई है।

धौरा टांडा सबस्टेशन पर शराब पीकर ड्यूटी करने के आरोप संविदा कर्मचारी अजय नारायण शर्मा और कृष्ण मुरारी की सेवाएं ओरियन सिक्योरिटी सर्विस ने समाप्त कर दी थी। इसके बाद अजय नारायण खुद को निर्दोष बताते हुए मुख्य अभियंता कार्यालय में भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार चौरसिया ने भूख हड़ताल समाप्त कराकर जांच कमेटी बना दी और अजय नारायण को बहाल कर दिया। 

इस कमेटी में एक्सईएन यूसी सोनकर, पंकज कुमार भारतीय और संविदा कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष मुकेश कठेरिया को शामिल किया था। जूनियर इंजीनियर संगठन के विरोध के बाद जांच कमेटी को बदलकर बहेड़ी एक्सईन चमन प्रकाश, एसडीओ बहेड़ी अमित गंगवार, एसडीओ देवरनिया आनंद के साथ नई कमेटी बना दी गई। यह जांच भी पूरी नहीं हुई है। इस बीच अजय नारायण ने फिर भूख हड़ताल का फैसला कर लिया है।
वर्जन
अजय नारायण के मामले में जांच कमेटी ने रिपोर्ट नहीं दी है। संविदा कर्मचारी कैलाश की मौत के मामले में जांच मैं खुद कर रहा हूं, उसमें आगे की जांच नहीं हो सकी है। जल्द ही जांच पूरी कर मुख्य अभियंता को रिपोर्ट दी जाएगी। - अशोक कुमार चौरसिया, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण

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