मुरादाबाद: अमिषा हत्याकांड मामले में दर्ज हुए मृतका के परिजनों के बयान, जल्द हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का दावा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, मुरादाबाद। मूलरूप से बरेली की रहने वाली अमिषा राजपाल की हत्या प्रकरण की जांच जीआरपी ने शुरू कर दी है। शुक्रवार को बरेली पहुंचे जीआरपी सीओ देवी दयाल ने मृतका के परिजनों का बयान दर्ज किया। पूछताछ के दौरान तह तक जाने की कोशिश की। पता लगाने का प्रयास किया कि मृतका को वाकई बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया या फिर प्रेम विवाह की विफलता के कारण अमिषा ने मौत को गले लगा लिया। तफ्तीश के बाद ही अमिषा हत्याकांड के असल सच से पर्दा उठ सकेगा। 

 बरेली में इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मंडी विहार निवासी हरमेंद्र जीत सिंह कपड़े के थोक व्यापारी हैं। गुरुवार को उन्होंने यहां जीआरपी को तहरीर दी। बताया कि 24 वर्षीय बेटी अमिषा राजपाल की शादी उन्होंने उत्तराखंड में उधमसिंह नगर स्थित रुद्रपुर के सिडगुल ओमेक्स निवासी सतपाल सिंह कामरा के बेटे रनदीप सिंह उर्फ रॉनी के साथ पिछले वर्ष 24 फरवरी को की। बुधवार रात अमिषा का शव रेलवे जंक्शन के समीप कपूर कंपनी व लोकोशेड पुल के बीच रेलवे ट्रैक से जीआरपी ने बरामद किया। जीआरपी ने अमिषा की बड़ी बहन रमनीत को पूरी घटना बताई।

अमिषा का शव व घटना स्थल से बरामद मृतका के मोबाइल फोन की जानकारी बड़ी बहन को दी गई। कुछ ही देर बाद मृतका के मायके वाले व ससुराली मुरादाबाद पहुंचे। परिजनों ने शव की शिनाख्त की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि ट्रेन की चपेट में आने से अमिषा की जान गई है। जबकि उसके पिता ने मृतका के पति व ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया। तहरीर के आाधर पर जीआरपी थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने पति रनदीप सिंह कामरा उर्फ रॉनी, ससुर सतपाल सिंह कामरा, सास देवेंद्र उर्फ पिंकी और ननद अवनीत कामरा के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। 

हाईप्रोफाइल है यह घटना 
 जांच अधिकारी सीओ देवी दयाल ने बताया कि मृतका के पिता, मां, बहन व भाई का बयान दर्ज किया। परिजनों ने बताया कि अमिषा व रनदीप सिंह कामरा की पहली मुलाकात मेट्रोमोनियल साइट पर हुई। शादी से पूर्व अमिषा एक कालेज में अध्यापक के रूप में कार्यरत थीं।

मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान अमिषा ने रनदीप सिंह कामरा को बताया कि उसके घर की माली हालत ठीक नहीं है। ऐसे में बगैर दहेज शादी करनी होगी। तब रनदीप सिंह व उनके परिजनों ने सिर्फ पढ़ी लिखी व अच्छी बहू की चाहत बताई। इस पर दोनों पक्ष शादी को राजी हो गए। एक तरह से अमिषा व रनदीप सिंह ने प्रेम विवाह किया था। बयान में परिजनों ने दावा किया कि शादी के बाद से ही रनदीप व उसके परिजन अमिषा पर मायके से दहेज लाने का दबाव बना रहे थे। पीड़ित पक्ष ने दहेज को ही अमिषा की हत्या होने का वजह बताया। 

जल्द हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का दावा
सीओ ने बताया कि अमिषा के पिता हरमेंद्र सिंह की तहरीर पर उसके पति रनदीप सिंह कामरा, ससुर सतपाल सिंह, सास देवेंद्र उर्फ पिंकी व ननद अवनीत कामरा ने के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज है। ससुरालियों पर दहेज में 15 लाख रुपये व कार मांगने का आरोप है। रनदीप सिंह कामरा पर आरोप है कि घुमाने के बहाने उसने पत्नी अमिषा की हत्या की और शव रेल ट्रैक पर डाल दिया। पीड़ितों का बयान दर्ज करने के बाद जल्द ही जीआरपी आरोपियों की गिरफ्तार करेगी।

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