Kanpur में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से फिर 22 की सांसें थमीं, कार्डियोलॉजी और हैलट में मरीज की भीड़
कानपुर में ठंड से 22 की मौत।
कानपुर में ठंड से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से फिर 22 की सांसें थमीं। कार्डियोलॉजी और हैलट में मरीज आए। वहीं, बुजुर्गों के साथ ही काफी संख्या में युवक गंभीर हालात में आ रहे।
कानपुर, अमृत विचार। शीत लहर और सर्दी का सितम दिन ब दिन खतरनाक होता जा रहा है। इसकी वजह से दिल, सांस और ब्लड प्रेशर के रोगियों की हालत गंभीर होने लगी है। शुक्रवार को हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और सांस की समस्या पर 22 लोगों की मौत हो गई। कुछ की सांसें अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई। काफी संख्या में अत्याधिक गंभीर रोगियों का आईसीयू और इमरजेंसी में इलाज चल रहा है।
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के हार्ट सर्जन प्रो. नीरज कुमार ने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी में काफी केस आ रहे हैं। इसमें युवाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। कई ऐसे मामले हैं, जिनमें मरीज को हृदय संबंधित कोई समस्या नहीं थी। किसी को सीने में जलन, पेट में गैस की समस्या लग रही थी तो किसी को चिढ़चिढ़ापन, गुस्सा और कंधे गर्दन में दर्द की जैसा महसूस कर रहा था। ध्यान न देने पर तबियत खराब हो गई।
आनन फानन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। ऐसे कई मरीजों को इमरजेंसी में रखा गया है। निदेशक प्रो. विनय कृष्णा ने बताया कि बढ़े हुए ब्लड प्रेशर की सबसे अधिक दिक्कतें आ रही हैं। यह सामान्य मरीज में 170 से 230 तक चली जा रही है। उनको तुरंत दवाओं या इंजेक्शन से सही कराया जा रहा है। शुक्रवार को हार्ट अटैक और हार्ट ब्लॉकेज की वजह से आठ मरीजों की मौत हो गई, जबकि 10 बॉड डेड आए थे।
हैलट अस्पताल के ब्रेन स्ट्रोक और सांस की समस्या पर तीन ने दम तोड़ दिया। मेडिसिन विभाग के प्रो. एसके गौतम ने बताया कि इमरजेंस में सात मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आए, जबकि आधा दर्जन से अधिक को सांस की समस्या हो रही थी। उनका इलाज किया जा रहा है। कुछ मरीजों को गंभीर स्थिति में खून का थक्का जमने पर आईसीयू में रखवाया गया है। अभी उन पर खतरा बना हुआ है। प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या के मुताबिक सर्दी की वजह से गंभीर रोगी आ रहे हैं। उनके लिए जूनियर डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को इमरजेंसी में लगाया गया है।
