शाहजहांपुर: कार-बोलेरो की भिड़ंत में पिता-पुत्री की मौत, 10 घायल
शाहजहांपुर/मीरानपुर कटरा, अमृत विचार। फर्रूखाबाद स्टेट हाईवे पर सोमवार रात फीलनगर के करीब विधायक के पेट्रोल पंप के सामने इको कार और बोलेरो में जबरदस्त भिडंत हो गई। इस हादसे में कार चला रहे मिठाई व्यापारी और उसकी पांच वर्ष की मासूम बेटी की मौत हो गई। जबकि पत्नी समेत छह लोग घायल हो गए। …
शाहजहांपुर/मीरानपुर कटरा, अमृत विचार। फर्रूखाबाद स्टेट हाईवे पर सोमवार रात फीलनगर के करीब विधायक के पेट्रोल पंप के सामने इको कार और बोलेरो में जबरदस्त भिडंत हो गई। इस हादसे में कार चला रहे मिठाई व्यापारी और उसकी पांच वर्ष की मासूम बेटी की मौत हो गई। जबकि पत्नी समेत छह लोग घायल हो गए। वहीं बोलेरो सवार चार लोग भी घायल हो गए। घायलों को मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया है। पिता ने रात में ही बरेली ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा, वहीं मासूम बेटी ने मंगलवार दोपहर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी के गांव बिलपुर निवासी मिठाई व्यापारी रामबाबू उर्फ अन्नू रक्षाबंधन पर्व पर पत्नी रेखा और पांच वर्षीय बेटी आराध्या, तीन वर्षीय नैना के साथ कार से कटरा के बाबूपुर नगरिया स्थित अपनी ससुराल आए थे। घर से निकलते वक्त उनके साथ में बहन ममता और बहनोई बबलू व उनके दो मासूम बेटे शिवा, कीर्तन भी कार में सवार हो लिए। क्योंकि राखी बांधने आई बहन ममता से रामबाबू ने ही साथ चलने का आग्रह किया था। ससुराल पहुंचने पर रामबाबू की पत्नी ने भाइयों का रखी बांधी और खाना खाने के बाद सभी लोग देर रात कार से वापस चल दिए।
रात करीब 11 बजे कटरा-फर्रूखाबाद स्टेट हाईवे पर कटरा के फीलनगर पहुंचते ही विधायक के पंप के पास कार सामने आ रही बोलेरो से टकरा गई। जिससे कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बोलेरो सवार फतेहगढ़ निवासी प्रदीप और उनके तीन साथी भी घायल हो गए। प्रदीप गढ़मुक्तेश्वर में रिश्तेदार की अंत्येष्टि में शामिल होकर लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों में कार चालक रामबाबू की स्थिति को नाजुक देखते हुए उन्हें बरेली भेज दिया, जबकि उनकी पत्नी, बच्चों और बहन-बहनोई व उनके घायल बच्चों को जिला अस्पताल भेज दिया गया। बरेली में डाॅक्टर ने रामबाबू को मृत घोषित कर दिया। बोलेरो सवार घायल बरेली के प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। मंगलवार दोपहर मृतक रामबाबू की पांच वर्षीय घायल बेटी आराध्या ने भी दम तोड़ दिया।
परिवार का अकेला खेवनहार था रामबाबू
रामबाबू की मौत के बाद उसके माता-पिता अंदर से टूट से गए हैं। रामबाबू उनके परिवार का अकेला कमाने वाला था। उसी के जरिये परिवार का भरण-पोषण हो रहा था। सोमवार रात फीलनगर के पास हुए हादसे में रामबाबू की मौत ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया। रामबाबू के तीन बेटियां हैं। इस हादसे में पत्नी और दो बेटियां भी घायल हैं, हालांकि उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। पत्नी रेखा से पूरी रात पति की मौत को छिपाए रखा गया लेकिन सच को छिपा माना मुश्किल हो रहा था। उसे मंगलवार सुबह पति की मौत की खबर मिली तो वह बेसुध हो गई। उसके मुंह से एक ही बात निकल रहीं थी, हे ईश्वर उन्हें बचा लिया होता। परिवार के लोग उसे दिलासा दे रहे थे। दोपहर में मासूम बेटी की मौत को भी उससे काफी देर तक छिपाए रखा गया।
