बरेली: पहली बार कमीशन खाया, दूसरी बार में पूरा बजट, जांच के बाद रिकवरी के निर्देश

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Edited By Amrit Vichar
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ग्राम प्रधान और सचिव ने चकरोड और नाले को दुबारा कार्ययोजना में शामिल कर हड़पे तीन लाख

बरेली, अमृत विचार। एक चकरोड और नाले के निर्माण में कमीशन खाने के बावजूद ग्राम प्रधान और सचिव का दिल नहीं भरा तो उन्होंने उसे दोबारा कार्ययोजना में शामिल कर लिया और इस बार पूरा बजट डकार गए। भुता ब्लॉक के गांव रुपयापुर में हुए इस गोलमाल का खुलासा रोजगार सेवक की शिकायत से हुआ। अब दोनों से हड़पी गई रकम की वसूली का आदेश दिया गया है।

ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर सरकार मोटा बजट दे रही है लेकिन इनका क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी संभाले लोग इसमें सेंध लगाने में जुटे हुए हैं। हाल ही में निर्माणाधीन चकरोड और नाला निर्माण को दुबारा कार्ययोजना में शामिल कर तीन लाख रुपये का गबन करने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा तब हुआ जब रोजगार सेवक की शिकायत पर डीसी मनरेगा गंगाराम वर्मा ने सोमवार को मौके पर जांच की। अब दोषी तत्कालीन प्रधान, ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक से रिकवरी की जा रही है।

भुता ब्लॉक के गांव रुपयापुर के रोजगार सेवक प्रेमपाल ने दो दिन पहले शिकायत की थी कि गांव में चकरोड़ और नाला निर्माण करीब दो साल पहले कराया गया था। उसे फिर कार्ययोजना में शामिल कर करीब तीन लाख रुपये निकाला गया है। इसके लिए तत्कालीन प्रधान जागनलाल, सचिव अजय वर्मा और तकनीकी सहायक रवींद्र पाल को जिम्मेदार बताया गया। सोमवार को डीसी मनरेगा गंगाराम वर्मा ने गांव पहुंचकर जांच की। तत्कालीन प्रधान के साथ गांव वालों से भी पूछताछ की।

पहले तो पूर्व प्रधान और सचिव ने सवालों के गोलमाल जवाब दिए लेकिन एफआईआर कराने की चेतावनी देने पर आरोप कबूल कर लिए। मौके पर जांच में भी रोजगार सेवक केआरोपों की पुष्टि हुई। यह भी पता चला कि पहले भी चकरोड और नाले के निर्माण में कमीशन खाया गया था। लिहाजा उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। इस मामले में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने के साथ आरोपियों से रिकवरी के आदेश दिए गए हैं।

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