बरेली: हर दरगाह का अपना निजाम, दखल देने का हक नहीं: IMC प्रमुख मौलाना तौकीर रजा
बरेलवी-अजमेरी विवाद सुलझाने पहुंचे आईएमसी प्रमुख, अजमेर दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों से की मुलाकात
बरेली, अमृत विचार। बीते दिनों अजमेर दरगाह कमेटी के सरवर चिश्ती की ओर से जारी वीडियो के बाद बरेली और अजमेर के बीच विवाद पैदा हो गया था। इस विवाद के बाद आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने फोन पर बात की तो ख्वाजा गरीब नवाज कमेटी ने उन्हें अजमेर दरगाह आने की दावत दी थी।
आईएमसी मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीसी ने बताया कि मौलाना एक प्रतिनिधि मण्डल के साथ अजमेर पहुंचे, जहां दरगाह पर हाजिरी के बाद दरगाह कमेटी के सदर सरवर चिश्ती और जिम्मेदारान के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई। मौलाना तौकीर रजा खान ने उन्हें बताया कि जो वीडियो और लेटर जारी किया गया है, उससे लोगों में बेचैनी है।
जिस पर सरवर चिश्ती ने कहा के बरेली और अजमेर शरीफ के बीच कोई मतभेद नहीं हैं। कभी हो भी नहीं सकते। साथ ही इस बात पर भी रजामंदी हुई के आगे बैठक में सभी बातों पर चर्चा की जायेगी। सभी खानखाहों को एक साथ जोड़ने का काम किया जाएगा। सरवर चिश्ती ने कहा कि जिस सलाम को पढ़ने की रिवायत रही है, वह पढ़ा जाता है। कुछ लोग दूसरे सलाम पढ़ते हैं तो निजाम में फर्क आता है। जिस सलाम को पढ़ा जाता है उसमें भी कई अशार आला हजरत के लिखे हैं।
दरगाह कैंपस में यही सलाम की रिवायत रही है और इसी बात को हमने रखा है। जिसे गलत तरीके से पेश किया गया। बरेली और अजमेर शरीफ के बीच दूरियां होने की बात गलत है। अजमेर आने वाले जायरीन का स्वागत है। वहीं दरगाह कमेटी ने आईएमसी प्रमुख समेत प्रतिनिधि मण्डल के सदस्यों की दस्तार बंदी की।
वहीं अब पूरे विवाद के बाद मौलाना ने कहा कि हर दरगाह का अपना निजाम होता है। जिसमें किसी जायरीन को दखल का हक नहीं। जो लोग विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ बरेली से ही एक्शन लिया जायेगा। प्रतिनिधि मंडल में मुफ्ती कारी, फुरकान रजा, मुफ्ती एहसानुल हक चतुर्वेदी, डा. नफीस खान, नदीम खान, अफजाल बेग, साजिद सकलैनी, गुड्डू कुरैशी, मुदस्सर मिर्जा, राशिद चौधरी आदि शामिल रहे।
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