आनंद का क्षण
उच्चतम न्यायालय के फैसले ने पिछले वर्ष अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया था। फैसले के लिए रामभक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ा था। बुधवार को मंदिर निर्माण की नींव रखे जाने के साथ ही राम मंदिर के लिए चलाया गया भाजपा का आंदोलन फलीभूत हो गया, जिसने …
उच्चतम न्यायालय के फैसले ने पिछले वर्ष अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया था। फैसले के लिए रामभक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ा था। बुधवार को मंदिर निर्माण की नींव रखे जाने के साथ ही राम मंदिर के लिए चलाया गया भाजपा का आंदोलन फलीभूत हो गया, जिसने भारतीय जनता पार्टी को सत्ता के शिखर तक पहुंचाया था। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को भूमि पूजन एवं शिलान्यास करके साकार किया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि राम अनेकता में एकता का संदेश देते हैं। कोरोना के दौर में देशवासियों को राम के संयमित मार्ग पर चलना चाहिए। राममंदिर के निर्माण की ये प्रक्रिया, राष्ट्र को जोड़ने का उपक्रम है। ये महोत्सव है-विश्वास को विद्यमान से जोड़ने का। नर को नारायण से जोड़ने का। लोक को आस्था से जोड़ने का। वर्तमान को अतीत से जोड़ने का और स्वं को संस्कार से जोड़ने का। राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था ,तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था। राम मंदिर राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों-करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागत ने राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने के बाद कहा कि यह आनंद का क्षण है क्योंकि जो संकल्प लिया गया था, वह आज पूरा हुआ है। कांग्रेस ने राम मंदिर भूमिपूजन की शुभकामनाएं दी हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने उम्मीद जताई कि अयोध्या समारोह राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम के लिए एक अवसर होगा। वामपंथी दलों और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने प्रधानमंत्री के तौर पर भूमि पूजा में शामिल होने के लिए मोदी की आलोचना की है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखे जाने के मौके पर विविधता में एकता की अपील की। बनर्जी ने ट्वीट किया कि देशवासियों को सदियों पुरानी विरासत को अंतिम सांस तक बरकरार रखना चाहिए। राम मंदिर के निर्माण से समूचे अयोध्या क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में उछाल आएगा। देश राम जन्मभूमि पूजन के ऐतिहासिक दिन पर उत्सव मना रहा है। राम मंदिर भूमि पूजन पल हर भारतीय के लिए गौरव और सम्मान का प्रतीक करार दिया जा रहा है। बाकी राम-नाम की धुन में मगन रहने वालों को समय निकालकर लोकतंत्र के बारे में, जनता के बारे में और नागरिक अधिकारों के बारे में भी सोचना होगा।
