राज्यपाल के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए द्रमुक नेता निलंबित 

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चेन्नई। तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन.रवि और राज्य में सत्तारूढ़ द्रवित्र मुनेत्र कषगम(द्रमुक) के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच द्रमुक ने राज्यपाल के विरूद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने पर मंच प्रवक्ता शिवाजी कृष्णमूर्ति को पार्टी की प्राथमिक सदस्यात से निलंबित कर दिया है। 

द्रमुक के महासचिव और जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने शनिवार शाम एक बयान में कहा कि चेन्नई (उत्तर जिला मुख्यालय) के स्पीकर कृष्णमूर्ति को पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन करने और द्रमुक की बदनामी करने जैसे कार्य करने के कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित कर दिया गया है। 

इससे पहले राज्यपाल ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था राज्य के लिए तमिलनाडु की तुलना में ‘तमिझगम’ शब्द अधिक उपयुक्त होगा। गत सोमवार को प्रथम सत्र के पहले दिन नए साल पर राज्यपाल ने अपनी परंपरा के विपरीत राज्यपाल के अभिभाषण के कुछ अंश बिना पढ़े ही छोड़ दिये थे और सदन के बाहर चले गये थे।

इसके बाद मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने छोड़े गये अंशों को सदन के रिकॉर्ड में बनाये रखने का प्रस्ताव पेश किया था। राज्यपाल ने द्रविड़ मॉडल के शासन के संदर्भों और यहां के लोकप्रिय नेताओं के नाम को भी छोड़ दिया था। इस मामले के कुछ दिन बाद शहर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते कृष्णमूर्ति ने कहा,“अगर राज्यपाल विधानसभा में अपने भाषण में बी़.आर. अम्बेडकर का नाम लेने से इनकार करते हैं, क्या मुझे अधिकार नहीं है ,उन पर हमला करने के लिए? 

उन्होंने यहां तक कहा,“यदि आप (राज्यपाल) तमिलनाडु सरकार द्वारा दिया गया, भाषण नहीं पढ़ते हैं तो फिर कश्मीर जाओ, और हम आतंकवादी भेजेंगे ताकि वे तुम्हें मार गिराएं।” उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसकी विभिन्न राजनीतिक दलों ने कड़ी निंदा की। 

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