Indian Railway : कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर बनने वाला लाइव किचन ठंडे बस्ते में, कोरोना काल से पहले भी खाका हुआ था तैयार
Indian Railway कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर नहीं बन रहा लाइव किचन।
Indian Railway कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर बनने वाला लाइव किचन ठंडे बस्ते में चला गया। तीन वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक कागजों पर भी नहीं बना पाया।
कानपुर, अमृत विचार। Indian Railway सेंट्रल पर लाइव किचेन का प्रस्ताव तक ही सिमट कर रह गया। आईआरसीटीसी और उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के संयुक्त रूप से सेंट्रल के प्लेटफार्म नंबर-एक पर इसको बनाया जाना था। कोरोना काल से पहले इसका खाका भी तैयार किया गया,लेकिन इसके बाद अब तक फाइल ही नहीं बन पाई।
इसके बनने से यात्री अपनी पंसद का भोजन बनना सिर्फ देख ही सकते थे, बल्कि अपनी रुचि के हिसाब से उसमें बदलाव भी करा सकते थे। रेलवे स्टशनों पर यात्रियों को उनकी पंसद का भोजन नहीं मिलता। हलांकि रेलवे ने कई फूड चेन से करार किया है। जिसके बाद यात्री को ट्रेन से ही बुकिंग करनी होती है और बाहर से खाना बर्थ पर पहुंच जाता है।
लाइव किचेन से मिलता पसंद का भोजन
लाइव किचेन बनने से यात्री को उसकी पंसद का भोजन बर्थ पर ही मुहैया होता। यही नहीं वह व्यंजन बनते हुए भी देख सकता था। इसके साथ ही उसमें अपने हिसाब से उसमें बदलाव के बारे में भी शेफ को बता सकते थे।
कोरोना ने दी चोट
कोरोना काल से पहले केंद्रीय रेल मंत्री पीयुष गोयल ने लाइव किचेन के प्रपोजल को हरी झंडी दी थी। इसमें कई बड़े स्टेशनों को शामिल किया गया था। जिसमें कानपुर सेंट्रल का भी नाम था।
रेल अधिकारियों ने एक नंबर प्लेटफार्म स्थित इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन(आईआरसीटीसी) के स्टाल के अंदर ही बनाया जाना था। इसकी कवायद आगे बढ़ती कि कोरोना ने सब चौपट कर दिया। इसके बाद प्रपोजल ठंडे बस्ते में चला गया।
लाइव किचेन का प्रस्ताव बनाने की कवायद तो चली थी। इस पर आईआरसीटीसी अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई थी। इस दौरान कोरोना के चलते सब थम कर रह गया। अब इस पर कोई नया अपडेट नहीं है।- संतोष त्रिपाठी, एसीएम, कानपुर सेंट्रल
