जलालाबाद: बेकाबू सांड ने गर्भवती घोड़ी और बछड़े की ली जान, कई लोग भी घायल
जलालाबाद,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़कों पर घूम रहे गौवंशों को आश्रय स्थलों का निर्माण कर रहने और चारा-पानी की व्यवस्था करने निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके इस निर्देश को शत प्रतिशत अमल में नहीं लाया जा रहा है। अब यही गौवंश सड़क पर घूमने वाले लोगों के लिए परेशानी की सबब बने हुए …
जलालाबाद,अमृत विचार। उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़कों पर घूम रहे गौवंशों को आश्रय स्थलों का निर्माण कर रहने और चारा-पानी की व्यवस्था करने निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके इस निर्देश को शत प्रतिशत अमल में नहीं लाया जा रहा है। अब यही गौवंश सड़क पर घूमने वाले लोगों के लिए परेशानी की सबब बने हुए हैं। यही नहीं अब यह गौवंश आक्रमक होने से साथ ही दूसरे जानवरों और लोगों पर हमला भी करने लगे हैं। नगरक्षेत्र में घूम रहा एक सांड आक्रमक हो गया और एक गर्भवती घोड़ी और एक बछड़े को सींगों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। सांड के हमले में कई अन्य जानवरों समेत कई लोग भी घायल हुए हैं।
बुधवार की रात नगर में घूम रहा आवारा सांड अचानक बेकाबू हो गया और उसने बरेली रोड स्थित कनक बिल्डिंग मटेरियल की दुकान के सामने एक बछड़े को दौड़ा दिया बछड़ा सांड से बचकर भागा जिससे उसकी सामने से आ रहा बोलेरो से टक्कर हो गई और वह बुरी तरह घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद बेकाबू सांड ने सींगों के प्रहार से पटक पटककर उसे मौत के घाट उतार दिया।
वहीं गुरुवार सुबह इसी सांड ने रामलीला बगिया की तरफ कुशवाहा छात्रावास के पास भुवनेश पंडित पर हमला बोल दिया। जैसे तैसे उन्होंने खुद को बचाया। उसके बाद सांड ने बगिया के गेट के पास बैठे राधेश्याम पाल एडवोकेट को निशाना बनाया जिससे वह भी चोटिल हो गए। इसके अलावा सांड ने हमला कर एक बच्ची समेत चार लोगों को भी घायल कर दिया।
बेकाबू सांड ने रामलीला की बगिया में ही सुभाष नगर निवासी विश्राम की बंधी हुई गर्भवती घोड़ी को सांड ने सींगों से वार कर मार डाला। इसके बाद लोगों ने मामले की सूचना डायल 112 को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सांड के तेवर देखकर हाथ खड़े कर दिए और मामला कोतवाली पुलिस को रेफर कर दिया। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नगर पालिका और वन विभाग को इसकी सूचना देकर सांड को पकड़ने की कोशिश की तो सांड ने दौड़ लगा दी और दो अन्य घोड़ों को बुरी तरह घायल कर दिया।
जोखिम बढ़ता देख कोतवाली पुलिस ने वन विभाग का इंतजार किए बिना ही नगर पालिका कर्मियों रामू, श्यामसुंदर, अमित, प्रेमप्रकाश सभासद, नरेश बाल्मीकि व उनकी टीम के सहयोग से कोतवाल धीरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में सांड पर काबू पा लिया और उसे रस्सियों से बांध कर उच्चाधिकारियों को सूचना दी, मगर रस्सी तोड़ने के प्रयास में सांड ने गले मे फंदा लग गया और दम घुटने से उसकी भी मौत हो गई। बाद में गड्ढा खोदकर सांड को दफन कर दिया गया।
