भारत को प्रौद्योगिकी का निर्माता बनने पर देना चाहिए ध्यानः राजीव चंद्रशेखर 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बेंगलुरु। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि केंद्र सरकार भारत को सिर्फ प्रतिभा मुहैया कराने वाला देश ही नहीं बल्कि प्रौद्योगिकी का निर्माता भी बनाना चाहती है। चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भारत जिंदगी में व्यापक बदलाव लाने वाली डिजिटल पारिस्थितिकी पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और इसे सिर्फ अवसर पैदा करने वाले एक क्षेत्र के रूप में नहीं देख रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू करते समय एक दृष्टि और मिशन रखा था कि प्रौद्योगिकी न केवल स्टार्ट-अप के लिए अधिक अवसर पैदा करेगी बल्कि भारतीय नागरिकों के जीवन को बदलने के लिए एक पारिस्थितिकी भी तैयार करेगी। चंद्रशेखर ने कहा, "प्रधानमंत्री का डिजिटल क्षेत्र और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर एक स्पष्ट नजरिया रहा है।

वह चाहते हैं कि भारत न केवल प्रतिभा का प्रदाता हो बल्कि प्रौद्योगिकी, उपकरण और उत्पाद का एक उत्पादक भी हो।" उन्होंने कहा कि हर कोई अब इस सपना को हकीकत में बदलते हुए देख सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड के बाद, भारत के पास पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की गति, पैमाना और वेग है और केंद्र सरकार की नजर वहां पहुंचने पर टिकी हुई है।

उन्होंने कहा कि भारत में पहले कुछ आईटी और आईटीईएस कंपनियां ही थीं जो बुनियादी तौर पर तकनीकी समाधान मुहैया कराती थीं लेकिन अब देश अवसरों से समृद्ध है। उन्होंने कहा, "भारत में आईटीईएस कंपनियां सालान 15-20 प्रतिशत की दर से बढ़ रही हैं और स्टार्टअप पारिस्थितिकी, इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) आ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि भारत के प्रतिभाओं का एक सस्ता केंद्र होने की संकल्पना धीरे-धीरे बदल रही है और अब उसकी जगह बेहतरीन प्रतिभाओं का गढ़ ले रहा है।

ये भी पढ़ें : LG ने CM केजरीवाल को पत्र लिखकर 'भ्रामक, अपमानजनक टिप्पणी' करने का आरोप लगाया

संबंधित समाचार