बरेली: दिव्यांग हरपाल बोले- मुख्यमंत्री आएं अच्छा, अब हम बच्चों को क्या खिलाएं
बरेली , अमृत विचार। शहर में सूबे का मुखिया आए तो हर किसी को खुशी होती है लेकिन जब उनके आने से घर के लोगों को भूखे रहने की नौबत आ जाए तो दर्द होना लाजिमी है। ऐसा ही कुछ दर्द नवादा शेखान के निवासी दिव्यांग हरपाल सिंह का है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ …
बरेली , अमृत विचार। शहर में सूबे का मुखिया आए तो हर किसी को खुशी होती है लेकिन जब उनके आने से घर के लोगों को भूखे रहने की नौबत आ जाए तो दर्द होना लाजिमी है। ऐसा ही कुछ दर्द नवादा शेखान के निवासी दिव्यांग हरपाल सिंह का है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन बरेली हुआ। उन्हें त्रिशूल एयरवेज से कमिश्नरी तक कार से ले जाया गया। इस दौरान रास्ते में सड़क किनारे रखे तमाम खोखे, ठेले पुलिस और प्रशासन ने हटवा दिए। इसमें सेटेलाइट पर सीएनजी पंप के पास रखा दिव्यांग का खोखा भी प्रशासन ने हटवा दिया।
इससे परेशान दिव्यांग हरपाल का कहना है कि सीएनजी पंप के पास सड़क किनारे वह करीब 25 साल से खोखा रखकर चाट और पकौड़े बेचकर परिवार का पालन पोषण कर रहा है। गुरुवार को अचानक पहुंचे नगर निगम और प्रशासन के कर्मचारियों ने उनका खोखा सड़क किनारे पलट दिया। इससे खोखे में रखा काफी सामान खराब हो गया।
दिव्यांग होने की वजह से वह खुद खोखा हटवा भी नहीं सके। काफी देर बाद लोगों ने मदद करके उनका खोखा किनारे करवाया। प्रशासन के कर्मचारियों के इस रवैये से परेशान दिव्यांग हरपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री आएं अच्छा है। हमें खुशी होती है लेकिन खोखा पलटने से नुकसान होने और कमाई न होने पर अंपना और बीवी-बच्चों का पेट कैसे भरा जाए। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन की ओर से खोखा हटवाना अगर जायज है तो हरपाल के दर्द को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता।
