यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा: 73 जिलों में 14 नोडल केन्द्रों से होगी निगरानी

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लखनऊ, अमृत विचार। लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से 9 अगस्त को आयोजित होने वाली यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान 14 नोडल केन्द्रों से निगरानी की जायेगी। इसके साथ ही 4 उप नोडल केन्द्र भी बनाये गये हैं। सभी नोडल प्राभरियों के लिए दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। ये जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति …

लखनऊ, अमृत विचार। लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से 9 अगस्त को आयोजित होने वाली यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान 14 नोडल केन्द्रों से निगरानी की जायेगी। इसके साथ ही 4 उप नोडल केन्द्र भी बनाये गये हैं। सभी नोडल प्राभरियों के लिए दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। ये जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक राय ने शुक्रवार को दी हैं।

प्रो. राय ने सभी तैयारियों की समीक्षा करने के बाद बताया कि 9 अगस्त होने वाली परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। उन्होने बताया कि परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश में 14 नोडल केन्द्र, 4 उपनोडल केन्द्र बनाये गये हैं। प्रदेश के 73 जनपदों में 1089 परीक्षा केन्द्रों पर कुल 431904 परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु प्रदेश सरकार, जिला-प्रशासन के साथ तालमेल बनाते हुए, वर्तमान में कोविड-19 के कारण बदली हुई परिस्थितियों के दृष्टिगत, अभ्यर्थियों की सुरक्षा के​ लिए सभी प्रोटोकाल का पालन किया जायेगा।

दो पालियों में होगी होगी परीक्षा
प्रवेश परीक्षा दो पालियों में, प्रथम पाली सु​बह 9 बजे से 12 बजे तक व द्वितीय पाली अपराह्न 2 बजे से 5 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को परामर्श दिया गया है कि वे अपने परीक्षा केंद्र पर, परीक्षा आरंभ होने के कम से कम एक घंटा पूर्व रिपोर्ट करें। परीक्षा की पूर्ण शुचिता बनाये रखने के उद्देश्य से इस बार नवीनतम तकनीकी का प्रयोग करते हुए कुछ अभिनव व्यवस्थायें की गयी हैं। कई बार देखा गया है कि इस परीक्षा में वास्तविक परीक्षार्थी के स्थान पर अन्य परीक्षार्थी परीक्षा में बैठ जाते थे इस बार सख्ती बरती जायेगी।

आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस पकड़ेगा फर्जी परीक्षार्थी
कुलपति ने बताया कि आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग करते हुए अभ्यर्थी के चेहरों के कुल 27 स्थानों की सूचनाओं को डिजिटल डेटा में बदलकर, इनकी चारों दिशाओं में जांच करेगा और प्रत्येक अभ्यर्थी की 13 विशिष्ट व व्यक्तिगत विशेषताओं, यथा उसके बाल, चश्मा, आयु, लिंग इत्यादि को सम्मिलित कर परीक्षण करेगा। इस प्रक्रिया में कोई भी गलत व्यक्ति वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकेगा।

100 लैपटॉप से ​लैस किया गया नियत्रंण कक्ष
कुलपति ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई है जो आडियों रिकार्डिंग भी करेगा। राउटर भी लगाया गया है। जिसकी सहायता से पूरी परीक्षा की वेब-कास्टिंग की जायेगी। इस हेतु लखनऊ विश्वविद्यालय में 100 लैपटाप युक्त एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जहां से एक-एक परीक्षार्थी पर कडी नजर रखी जायेगी।

परीक्षा केन्द्र पर उंगलियों के निशान की होगी जांच
इस व्यवस्था के साथ ही परीक्षा के समय प्रत्येक परीक्षार्थी की पहचान के लिए उसकी अंगुलियों के निशान भी लिये जायेंगे और उसके द्वारा आवेदन करते समय दिये गये उंगलियों के निशान से इनका मिलान किया जायेगा। कुलपति ने बताया कि पूरे प्रदेश के अभ्यर्थियों को अनावश्यक यात्रा करने से बचाने के लिए, अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र के निकटतम जनपद को दोबारा चयनित करने की ऑनलाइन सुविधा दी गई थी। प्रत्येक महिला अभ्यर्थी एवम दिव्यांग अभ्यर्थी की सुविधा के लिए उनके द्वारा परीक्षा केंद्र के विकल्प के रूप में चयनित जनपदों में से प्रथम विकल्प के जनपद में ही परीक्षा केंद्र आबंटित किये गए हैं। यथा संभव अधिकतर परीक्षार्थियों को उनके द्वारा दिये गए विकल्पों (जनपद प्रयागराज आदि कुछ जनपदों को छोड़कर) में ही परीक्षा केंद्र आबंटित किये गए हैं।

महाविद्यालयों के शिक्षकों का विरोध जारी
वहीं दूसरी ओर महाविद्यालयों के शिक्षकों ने कोरोना काल में बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए एतराज जताया है, शिक्षकों ने अपने संघ के माध्यम से इस बारे में उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा को ज्ञापन भी सौंपा है साथ ही कुलपति को भी चेतावनी दी है। शिक्षकों का कहना है कि कोरोना काल में परीक्षा कराने का मतलब है कि परीक्षार्थी और शिक्षक दोनो की जान से खिलवाड़ करना। ऐसे में परीक्षा को टालने में ही भलाई है।

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