जोशीमठ में घर के भू-धंसाव की चपेट में आने से वर-वधू ने मंदिर में लिये सात फेरे

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चमोली, अमृत विचार। उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव के कारण लोगों की एक ओर जहां मुश्किलें भी जारी हैं तो वहीं, दूसरी ओर जिंदगी की रस्में भी पूरी तौर से निभाई जा रही हैं। 

जोशीमठ के सिंहधार के रहने वाले रघुवीर सिंह कुंवर ने बताया उनके बेटे रोहित कुंवर की शादी बसंत पंचमी के दिन निश्चित हुई थी। भू धसांव से उनका भी घर दरक गया है और उन लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। 

इन लोगों में से कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके परिवार में शादी का कार्यक्रम है। विवाह कार्यक्रम और तारीख पहले ही निर्धारित हो गयी थी। शादी के लिए होटल, वैन्यू भी बुक हो गये थे, लेकिन इस बीच भू धसांव की आपदा आ गई और लोगों के घर दरक गए। 

भू-धंसाव से दरके घरों के 250 परिवार के 902 सदस्य विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे रोहित कुंवर की शादी वसंत पंचमी के दिन थी। रोहित कुंवर की शादी दशोली विकासखंड के बौला गांव के नरेंद्र सिंह नेगी की बेटी मेघा से साथ तय हुई थी, कई महीनों से शादी की तैयारियां चल रहीं थी, होटल के कमरे भी बुक हो गये थे। कि इस बीच 02 जनवरी से भू धसांव से लोगों के घर दरकने लगे।

लोगों को दरके घरों को छोड़ कर राहत शिविरो में जाने को मजबूर होना पडा। दूल्हा रोहित कुंवर का घर भी भूधंसाव की चपेट में आ गया था। जिसके कारण उन्हें अपने परिवार के जोशीमठ के गुरुद्वारे में बने राहत कैंप में रहना पड़ रहा है। 

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