बरेली: बजट नहीं दे रहा शासन, लेटलतीफ कहलाएंगे अफसर
बरेली, अमृत विचार। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत शासन से शेष बजट न मिलने के कारण जिले में 15 लाख रुपये से ज्यादा लागत वाली सीसी रोड के निर्माण के साथ कई और काम लटक गए हैं। ये काम कराने की जिम्मेदारी संभाले ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) के अफसरों की परेशानी यह है कि अगर जल्द बजट न मिला तो ये काम अगले वित्तीय वर्ष में जुड़ जाएंगे। इससे उन पर काम का बोझ तो बढ़ेगा ही, लेटलतीफी के आरोप भी झेलने पड़ेंगे।
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विभाग के मुताबिक त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग विकास कार्यों के लिए शासन ने पिछले साल 22.43 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। इस धनराशि से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सीसी रोड, संपर्क मार्ग और पेयजल परियोजनाओं पर काम होना था। शासन से वित्तीय वर्ष 2022-23 में पहली किस्त के तौर पर 13.54 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी जिसे खर्च कर लिया गया। आरईएस के एक्सईएन आरके ओझा के मुताबिक इसका प्रमाण पत्र भी शासन को भेज दिया गया, फिर भी नौ करोड़ रुपये का शेष बजट अब तक नहीं मिला है।
दूसरी किस्त के लिए शासन को नवंबर में डिमांग भेज दी गई थी ताकि इसी वित्तीय वर्ष में सभी स्वीकृत कार्य पूरे हो जाएं लेकिन अभी पैसा नहीं मिला है। अब वित्तीय वर्ष 2022-2023 समाप्त होने वाला है। जल्द बजट न मिला तो ये काम अगले वित्तीय वर्ष में जुड़ जाएंगे। ऐसे में कामों की संख्या बढ़ने से निर्धारित समय में उन्हें पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।
पेटिंग और सीसी रोड का होना है निर्माण
मझगवां, मीरगंज, बिथरी समेत कई ब्लाकों में 15 लाख रुपये से अधिक लागत वाले जो काम ठप पड़े हैं, उनमें सीसी रोड और पेटिंग के काम शामिल बताए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में इसी तरह के चार से पांच काम है। अफसरों के मुताबिक पहली किस्त में जो बजट भेजा गया था, उसमें छोटे-छोटे खडंजे, सीसी रोड शामिल थीं।
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