Kanpur में गंगा हो रही मैली, यह तीन वजह बन रही दूषित का मुख्य कारण
कानपुर में गंगा मैली हो रही।
कानपुर में गंगा नदी में घरों का सीवर, नालों का गंदा पानी मुसीबत बढ़ा रहा। इन तीन वजह से गंगा मैली हो रही। नाले का पानी शोधित कर रही कंपनी पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
कानपुर, अमृत विचार। शहर में गंगा लगातार मैली हो रही है। गंगा तट के किनारे बने घरों का सीवर, अनटैप्ड नाले और अशोधित पानी मुसीबत बढ़ा रहे हैं। नाले के पानी के शोधन में लापरवाही निर्मल गंगा में हानिकारक तत्वों को घोल रही है, जिसके बाद अब जलिनगम ने नगर निगम को तैनात कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। पिछले साल दिसंबर में प्रदूषण बोर्ड ने नगर निगम पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, इसके बाद भी कार्य में लापरवाही बरती जा रही है।
पिछले दिनों जिला प्रशासन, जलनिगम गंगा प्रदूषण नियंत्रण, नगर निगम ने डब्का और गोलाघाट नाले का निरीक्षण किया था। दोनों ही नालों में बायोरेमिडियेशन का कार्य हो रहा है। यहां के जल का नमूना लिया गया था, जिसकी जांच में सामने आया कि नाले के पानी का बायोरेमिडियेशन के बाद रसायनिक विश्लेषण में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), रासायनिक ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी), कुल निलंबित ठोस (टीएसएस) की मात्रा बढ़ी मिली है। जिसके बाद जलनिगम के अधिकारियों ने नगर निगम द्वारा तैनात कंपनी पर कार्रवाई करने के लिए संस्तुति दी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि बायोरेमिडियेशन कार्य में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। फीकल (मल) गंगा के पानी में खतरा बढ़ा रहा है। घरों से निकल कर नालों के जरिए गंगा तक पहुंच रहीं अशुद्धियां पानी को दूषित कर रहीं हैं वहीं, भू-गर्भ जल प्रदूषित हो रहा है। घरों का सीवर मुख्य सीवर लाइनों से न जोड़ने से समस्या बढ़ रही है।
शहर में 16 नाले बढ़ा रहे मुसीबत
नगर में 16 नाले गंगा नदी में मिलते हैं। इसमें से अंटैप्ड चार नाले रानीघाट नाला, सत्ती चौरा नाला, गोलाघाट नाला, डब्का नाला पर बायोरेमिडियेशन का कार्य नगर निगम द्वारा अनुबंधित संस्था बायोआक्सीग्रीन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। बायोरेमिडियेशन कार्य में लापरवाही बरतने, नियमित और सुचारू रूप से न करने पर नालों का अशोधित पानी गंगा नदी में जा रहा है। गंगा नदी के पानी में बीओडी, सीओडी, टीएसएस की मात्रा लगातार बढ़ रही है।
यहां बस्ती का जा रहा पानी
- परमट घाट बस्ती के 200 घर
- बाबा घाट कच्ची बस्ती
- भगवतदास घाट बस्ती
- अस्पताल घाट कच्ची मडैया
- रानीघाट किनारे बसे घर
