मुरादाबाद : कर्मचारियों को आयकर में छूट की आस, बोले- वित्त मंत्री करें कृपा तो बनें बात

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केंद्रीय वित्त मंत्री के बजट के पिटारे से हर वर्ग को खुशियों की उम्मीद

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष श्रीकांत यादव और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार शर्मा। (फाइल फोटो)

मुरादाबाद, अमृत विचार। बुधवार को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्तुत करेंगी। उनके पिटारे से निकलने वाली खुशियों की आस से कर्मचारी, महिलाएं, व्यापारी, शिक्षक, खिलाड़ी, चिकित्सक सभी एडवांस में फीलगुड कर रहे हैं। लेकिन किसके सपने साकार होंगे किसकी खुशियों को ग्रहण लगेगा यह तो सदन में वित्तमंत्री का पिटारा खुलने पर ही पता चलेगा। इस बार भी सरकारी सेवाभोगी वर्ग आयकर छूट में दायरा बढ़ाने की उम्मीद लगाए है। बढ़ती महंगाई का हवाला देकर कर्मचारी टैक्स स्लैब में रियायत चाहते हैं।

महंगाई की मार से बेहाल जन सामान्य जहां कीमतों में कमी चाहता है तो गृहणियां सौंदर्य प्रसाधन, किचन के जरूरी सामानों, रोजमर्रा के जरूरत की सामग्रियों पर रियायत की उम्मीद लेकर बैठी हैं। वहीं सरकारी कर्मचारी और अधिकारी टैक्स काटने में कैंची की धार कुंद होने की राह देख रहे हैं। कर्मचारी नेताओं का मानना है यदि आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जाए तो इससे थोड़ी आसानी होगी। नहीं तो साल के एक दो महीने का वेतन तो टैक्स की भेंट चढ़ जाता है।

दस लाख तक की आमदनी हो कर मुक्त
बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री से उम्मीद है कि कर्मचारियों अधिकारियों की सालाना दस लाख रुपये तक की आय करमुक्त हो। पुरानी पेंशन योजना बहाल किया जाए। महंगाई घटे और जन सामान्य को सुविधा देने वाला बजट हो।-श्रीकांत यादव, जिलाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

श्रीकांत यादव, जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

बहुत उम्मीद नहीं, फिर भी छूट मिली तो स्वागत करेंगे
पिछली बार की तरह इस बार भी बहुत राहत की उम्मीद नहीं है। यह सरकार केवल उद्योगपतियों और नेताओं के हित की बात को गंभीरता देती है। कर्मचारियों के हित से मानों सरोकार ही नहीं है। फिर भी यदि आयकर छूट का दायरा बढ़ाया जाए तो अधिकारियों-कर्मचारियों को काफी सहूलियत मिलेगी।- सर्वेश कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ

सर्वेश कुमार शर्मा,

वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों को मिले विशेष रियायत
सरकार को 70 व इससे अधिक आयु के लोगों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। क्योंकि इनका न बीमा होता है न कोई इनकम का साधन। वित्तमंत्री से अनुरोध है कि वह इस आयु वर्ग के पुरूषों और 65 या इससे अधिक उम्र की महिला के सरकारी और निजी चिकित्सालयों में मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करें। साथ ही रेलवे की तरह रोडवेज की बसों में भी किराए में रियायत मिले।- आदेश श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष, दी बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद

आदेश श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष, दी बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद

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