बरेली: डॉक्टरों ने कोरोना से बताई मौत, पत्नी ने मांगा सबूत
बरेली,अमृत विचार। देश में कोरोना संक्रमण से हजारों जानें जा चुकी हैं। अपनों को खोकर कई परिवार गमजदा हैं। इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें मृतक की पत्नी को भरोसा ही नहीं हो रहा कि उनके पति की मौत कोरोना से हुई है, इसलिए उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) लगाकर जिलाधिकारी …
बरेली,अमृत विचार। देश में कोरोना संक्रमण से हजारों जानें जा चुकी हैं। अपनों को खोकर कई परिवार गमजदा हैं। इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें मृतक की पत्नी को भरोसा ही नहीं हो रहा कि उनके पति की मौत कोरोना से हुई है, इसलिए उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) लगाकर जिलाधिकारी से पति की मौत के कारण से अवगत कराने और उससे संबंधित प्रमाण मांगे हैं। देश में यह अपने तरह का पहला मामला है, जिसमें कोरोना से मौत पर आरटीआई से सूचना मांगी गई हो।
मामला जिले में कोरोना से 29 अप्रैल को हुई पहली मौत का है। इसमें हजियापुर के 35 वर्षीय वजीर अहमद की मृत्यु हुई थी। 25 अप्रैल को वजीर ने 300 बेड के अस्पताल में जांच कराई। 27 अप्रैल को उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई। कोविड अस्पताल में उपचार के दौरान 29 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत पर पत्नी खुशनुमा ने हंगामा भी किया था, तब उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मौत का आरोप लगाया था, जिस पर वह अभी भी कायम हैं।
अब खुशनुमा ने आरटीआई में पूछा है कि वजीर अहमद को क्या बीमारियां थीं? 25 अप्रैल को उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध कराए जाए। जिन चिकित्सकों ने उपचार किया और क्या दवाएं दीं, उनका भी विवरण मांगा है। खुशनुमा ने कहा कि वह इस संबंध में न्यायालय भी जाएंगी।
